हार्ट की बीमारी से बचना है तो आज से बदलें ये 8 आदतें, डाइट से लेकर नींद और तनाव तक का रखें ध्यान

नई दिल्ली: दिल की बीमारियां दुनियाभर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं। हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसे कारण हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में पारिवारिक इतिहास भी भूमिका निभाता है, लेकिन खराब खान-पान, धूम्रपान, मोटापा, तनाव और खराब दिनचर्या जैसी आदतें भी दिल की सेहत पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करके हार्ट से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

फाइबर से भरपूर डाइट लें

खाने में ज्यादा फाइबर शामिल करना दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। सब्जियां, साबुत अनाज, ओटमील, ब्राउन राइस, बीन्स, दाल और फल जैसे खाद्य पदार्थ डाइट का हिस्सा बनाएं। दूसरी ओर, फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स और मीट में मौजूद सैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है। फाइबर मुख्य रूप से प्लांट बेस्ड फूड में पाया जाता है।

स्मोकिंग को कहें पूरी तरह अलविदा

धूम्रपान दिल के लिए बेहद नुकसानदायक आदतों में शामिल है। इससे धमनियों को नुकसान पहुंच सकता है और ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है। सिगरेट पीने वाले व्यक्ति के साथ आसपास मौजूद लोगों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। अगर सिगरेट छोड़ने में परेशानी हो रही है तो विशेषज्ञ की मदद ली जा सकती है।

वजन को कंट्रोल में रखें

बहुत ज्यादा वजन बढ़ने से हार्ट डिजीज के साथ स्ट्रोक और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। वजन कम करने से ब्लड प्रेशर और ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी सुधार हो सकता है। इसलिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के जरिए वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है।

हर दिन एक्सरसाइज या वॉक करें

नियमित शारीरिक गतिविधि दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है। एक्सरसाइज से ब्लड प्रेशर, वजन, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अगर लंबे समय तक एक्सरसाइज करना मुश्किल लगता है तो दिन में अलग-अलग समय पर छोटी वॉक भी की जा सकती है। सुबह, दोपहर और रात 10-10 मिनट पैदल चलने जैसी दिनचर्या अपनाई जा सकती है।

खाने का न्यूट्रिशन लेबल जरूर पढ़ें

हार्ट हेल्दी डाइट के लिए खाने में सोडियम, शुगर और फैट की मात्रा पर नजर रखना जरूरी है। पैकेज्ड फूड खरीदते समय उसके न्यूट्रिशन लेबल को जरूर पढ़ें। सिर्फ लो-फैट लिखा होने का मतलब यह नहीं कि उसमें कैलोरी कम होगी। इसी तरह कम कैलोरी वाले किसी उत्पाद में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले लेबल की जानकारी समझना जरूरी है।

भरपूर और अच्छी नींद लें

नींद पूरी न होने का असर भी दिल की सेहत पर पड़ सकता है। खराब नींद हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, डायबिटीज और हार्ट फेलियर जैसी समस्याओं के जोखिम से जुड़ी हो सकती है। स्लीप डिसऑर्डर की स्थिति में शरीर में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित हो सकता है और स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं। अगर सोते समय तेज खर्राटे आते हैं या नींद से जुड़ी लगातार परेशानी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

रेड वाइन को हार्ट हेल्थ का इलाज न समझें

रेड वाइन को लेकर कुछ अध्ययनों में इसके संभावित फायदे बताए गए हैं, लेकिन इसके स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर प्रमाण एक जैसे नहीं हैं। इसमें मौजूद रेसवेरेट्रॉल और एंटीऑक्सिडेंट्स को लेकर भी अध्ययन हुए हैं। हालांकि, अगर आप शराब नहीं पीते हैं तो सिर्फ दिल की सेहत के लिए इसकी शुरुआत नहीं करनी चाहिए। नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को प्राथमिकता देना बेहतर है।

तनाव कम करने की कोशिश करें

लगातार ज्यादा तनाव भी दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। तनाव ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ ओवरईटिंग और स्मोकिंग जैसी आदतों को बढ़ावा दे सकता है। तनाव की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिसका असर कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर पर पड़ सकता है। इसलिए रोजाना तनाव कम करने के लिए वॉक, एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और अपनी पसंद की स्वस्थ गतिविधियों के लिए समय निकालना जरूरी है।

 

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