पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री को दी खुली बहस की चुनौती, बोले- 10 नवंबर को रामलीला मैदान आइए, रामायण-गीता पर होगी चर्चा

पटना: भगवान श्रीकृष्ण को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद अब खुली बहस की चुनौती तक पहुंच गया है। स्वतंत्र सांसद पप्पू यादव ने बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री को रामायण और भगवद्गीता पर आमने-सामने चर्चा करने की चुनौती दी है। उन्होंने शास्त्री से कहा कि वे 10 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचें और धार्मिक ग्रंथों पर उनसे बहस करें। यादव ने साफ कहा कि वह इस चर्चा के लिए कहीं भी तैयार हैं।

पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत का जिक्र करते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बावजूद इस्कॉन और भाजपा नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी सवाल किया कि सनातन धर्म के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश क्यों की जा रही है।

‘रामायण और गीता पर कहीं भी बहस कर लीजिए’

पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वे 10 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान आएं और रामायण तथा भगवद्गीता पर खुली चर्चा करें। सांसद ने कहा कि वह इन धार्मिक ग्रंथों पर बहस के लिए तैयार हैं और शास्त्री को भी सामने आकर अपने विचार रखने चाहिए।

यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग भी की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सनातन धर्म के नाम पर किसे बांटने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से पप्पू यादव की इस नई चुनौती पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना वाले बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, जबकि श्रीकृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं।

उन्होंने श्रीकृष्ण की बांसुरी और वृंदावन का उल्लेख करते हुए कहा था कि हमारे वाले सीधे खड़े हैं और तुम्हारे वाले टेढ़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने बांसुरी बजाने को खेल बताते हुए धनुष चलाने से अलग बताया था।

इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई कृष्ण भक्तों और संतों ने आपत्ति जताई थी। पप्पू यादव ने भी इसे भगवान श्रीकृष्ण का अपमान बताते हुए धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देकर मांगी थी माफी

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि उनका उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर बताना या किसी का अपमान करना नहीं था।

शास्त्री ने यह भी कहा था कि उनकी बातों से अगर किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। हालांकि, पप्पू यादव ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग जारी रखी है और अब उन्होंने शास्त्री को धार्मिक ग्रंथों पर खुली बहस की चुनौती दे दी है।

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