गणेश विसर्जन 2026 की आखिरी तारीख तय, 25 सितंबर को होगी बप्पा की विदाई; जानें शुभ मुहूर्त और पूरी विधि

नई दिल्ली: गणेश उत्सव के 10 दिनों के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन का सिलसिला अनंत चतुर्दशी के दिन पूरा होता है। इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को है। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा, भोग और आरती करने के बाद गणपति बप्पा को विदाई देंगे। हालांकि, कई परिवारों में परंपरा के अनुसार तीसरे, पांचवें या सातवें दिन भी गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। वहीं मंदिरों और पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन आमतौर पर अनंत चतुर्दशी के दिन ही किया जाता है।

25 सितंबर को होगा गणेश विसर्जन

अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन बप्पा की विदाई से पहले श्रद्धालु उनकी पूजा करते हैं, भोग लगाते हैं और आरती करते हैं। इसके बाद गणेश प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जाता है।

इस दौरान श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति बप्पा की शोभायात्रा निकालते हैं और जयकारों के बीच प्रतिमा का विसर्जन करते हैं।

गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश विसर्जन के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। सुबह का मुहूर्त 06:11 बजे से 10:42 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दोपहर में शुभ मुहूर्त 12:13 बजे से 01:43 बजे तक और चर मुहूर्त 04:44 बजे से 06:14 बजे तक रहेगा।

रात में लाभ मुहूर्त 09:14 बजे से 10:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद शुभ, अमृत और चर मुहूर्त 26 सितंबर की रात 12:13 बजे से सुबह 04:42 बजे तक रहेगा।

अनंत चतुर्दशी की तिथि कब से कब तक

चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर 2026 को रात 11:18 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर 2026 को रात 11:06 बजे समाप्त होगी। इसी दिन गणेश विसर्जन का मुख्य पर्व मनाया जाएगा।

गणेश विसर्जन की क्या है विधि?

गणेश जी की प्रतिमा के विसर्जन से पहले विधि-विधान से पूजा और आरती की जाती है। भगवान को फूल अर्पित किए जाते हैं और भोग लगाया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु गणपति की प्रतिमा को ढोल-नगाड़ों के साथ नदी या तालाब तक लेकर जाते हैं। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘गणेश महाराज की जय’ के जयकारों के साथ बप्पा की विदाई की जाती है।

आमतौर पर गणेश विसर्जन का उत्सव रातभर चलता है और अगले दिन सुबह तक भी जारी रहता है। श्रद्धालु चाहें तो घर पर भी गणपति प्रतिमा का विसर्जन कर सकते हैं।

घर पर भी कर सकते हैं गणपति विसर्जन

घर पर गणेश विसर्जन के लिए एक साफ और बड़े बर्तन में पानी भरकर उसमें थोड़ा गंगाजल मिलाया जाता है। इसके बाद पानी में फूल डालकर पूरी श्रद्धा के साथ गणपति की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। आज के समय में कई श्रद्धालु घर पर इसी तरह गणपति बप्पा की विदाई करते हैं।

वहीं मंदिरों और पंडालों में स्थापित बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन आमतौर पर नदी या तालाब में किया जाता है।

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