अमेरिका की राजनीति में बयानबाज़ी को लेकर सियासी माहौल फिर गर्म हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मौजूदा ट्रंप प्रशासन पर कड़ा हमला बोलते हुए अमेरिकी राजनीति के गिरते स्तर पर चिंता जताई है। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिकी राजनीति का स्तर बेहद नीचे चला गया है और यह अब “जोकरों का शो” बनता जा रहा है।
विवादित वीडियो को लेकर ट्रंप पर साधा निशाना
ओबामा ने यह टिप्पणी ब्रायन टायलर कोहेन के नो लाइ पोडकास्ट में बातचीत के दौरान की। इस दौरान उन्होंने उस विवादित वीडियो का जिक्र किया जिसमें उन्हें और पूर्व प्रथम महिला को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाया गया था।
ओबामा ने कहा कि इस विवाद को लेकर ट्रंप द्वारा माफी न मांगना और इसे एक कर्मचारी की गलती बताना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अधिकतर अमेरिकी नागरिक इस तरह के व्यवहार को परेशान करने वाला मानते हैं।
राजनीतिक संवाद में गिरावट पर जताई चिंता
ओबामा ने वर्तमान अमेरिकी राजनीतिक माहौल को इंटरनेट मीडिया और टेलीविजन पर चल रहे एक सर्कस जैसा बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में शालीनता, मर्यादा और सम्मान की भावना लगातार खत्म होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले सार्वजनिक पदों से जुड़े लोगों में गरिमा और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिलता था, लेकिन अब वह धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है। ओबामा के मुताबिक मौजूदा हालात लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति का लगाया आरोप
बातचीत के दौरान जब आव्रजन अभियानों के दौरान मारे गए नागरिकों को “घरेलू आतंकवादी” कहे जाने और संवाद के गिरते स्तर पर सवाल पूछा गया, तो ओबामा ने इसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि आज भी अधिकतर नागरिक शालीनता और सहानुभूति में विश्वास रखते हैं।
रिपब्लिकन रणनीति पर कटाक्ष, डेमोक्रेट्स को दी चेतावनी
ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि वह स्थापित नियमों और कानूनों को उलझाने में ज्यादा ध्यान दे रही है, जबकि रचनात्मक कार्य करना ज्यादा कठिन होता है।
साथ ही उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को भी चेतावनी दी कि जवाब देने के लिए उन्हें “जलाओ और नष्ट करो” जैसी नीति नहीं अपनानी चाहिए। ओबामा ने कहा कि यदि राजनीतिक दल सच्चाई और मूल्यों से समझौता करते हैं तो लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा।
अपने कार्यकाल का दिया उदाहरण
ओबामा ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पास भी विपक्षी राज्यों के खिलाफ सैन्य या वित्तीय शक्ति का दुरुपयोग करने का अवसर था, लेकिन ऐसा करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ होता। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे लोकतंत्र की रक्षा की इस चुनौती से निराश न हों, क्योंकि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना हमेशा कठिन कार्य रहा है।
