पॉलिसी पैरालिसिस से पॉलिसी स्टेबिलिटी तक पहुंचा यूपी, बड़ा निवेश केंद्र बना प्रदेश : सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान प्रदेश में औद्योगिक और निवेश विकास को लेकर बड़ा दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीतिगत अस्थिरता से निकलकर निवेश के लिए स्थिर और भरोसेमंद माहौल तैयार किया है, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में शामिल हो गया है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ तक का सफर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ जैसी छवि से जुड़ी थी, लेकिन अब प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ मॉडल के जरिए नई पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में न तो स्पष्ट औद्योगिक नीति थी और न ही निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण था, जिसके कारण बड़ी संभावनाओं के बावजूद निवेशक यूपी आने से कतराते थे।

ट्रिपल-टी मॉडल से बना निवेश का भरोसेमंद माहौल

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्म और टाइमली डिलीवरी यानी ट्रिपल-टी मॉडल अपनाया है, जिससे निवेश को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के लिए सुरक्षा, सुविधा और स्पष्ट नीति सबसे अहम होती है, जो पहले प्रदेश में नहीं थी। अब सरकार ने फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डूइंग बिजनेस को प्राथमिकता देते हुए ट्रिपल-एस मॉडल यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड को लागू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन की सरकार होने से विकास कार्यों में तेजी आई है।

34 से अधिक सेक्टोरल नीतियों से निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू की गई हैं, जिनसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि ‘निवेश मित्र’, ‘निवेश सारथी’ और ‘उद्यमी मित्र’ जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं ने उद्योगों के लिए पारदर्शी और सरल माहौल तैयार किया है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी ने बनाई बड़ी छलांग

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 14वें स्थान पर था, जबकि अब प्रदेश टॉप अचीवर राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि डीरेगुलेशन रैंकिंग में यूपी पहले स्थान पर है और डीक्रिमिनलाइजेशन की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार ने 13 राज्य अधिनियमों के 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त कर उद्योगों के लिए भयमुक्त माहौल तैयार किया है।

औद्योगिक इकाइयों की संख्या में दोगुनी से ज्यादा वृद्धि

मुख्यमंत्री के अनुसार आजादी से लेकर वर्ष 2017 तक लगभग 14,000 कारखाने स्थापित हुए थे, जबकि 2017 के बाद यह संख्या बढ़कर 31,000 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने इसे प्रदेश में उद्योगों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत बताया।

50 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्ताव

सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ से साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते (एमओयू) किए गए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में अब निवेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि ग्राउंडब्रेकिंग, उत्पादन और रोजगार सृजन के रूप में परिणाम दे रहा है।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि देश में बनने वाले मोबाइल फोन का करीब 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है।

रक्षा और खेल उद्योग में भी बढ़ा निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ रक्षा उत्पादन और खेल उद्योग में भी तेजी से निवेश बढ़ा है। रक्षा कॉरिडोर और खेल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक माहौल मजबूत हुआ है और उत्तर प्रदेश तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

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