ट्रंप की धमकी : मिनेसोटा में तैनात हो सकती है अमेरिकी सेना

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वाशिंगटन। अमेरिका मिनेसोटा में स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए सेना तैनात कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम के लिए विद्रोह अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। मिनेसोटा में पिछले दिनों हुई गोलीबारी के बाद हो रहे विरोध-प्रदर्शन से हालात खराब हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को विद्रोह अधिनियम लागू करने की धमकी दी। यह अधिनियम उन्हें विरोध-प्रदर्शन और अन्य तरह की हिंसा से निपटने के लिए शक्ति प्रदान करता है।

मिनेसोटा में अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के एजेंटों की गोलीबारी में एक व्यक्ति मौत के बाद लोग गुस्से में हैं। वह अमेरिका खासतौर पर ट्रंप प्रशासन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग संघीय एजेंसी है । इसका काम देश की सीमाओं पर सतर्क रहते हुए आव्रजन कानूनों को लागू कराना है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,’अगर मिनेसोटा के भ्रष्ट राजनेता कानून का पालन नहीं करते हैं और प्रदर्शनकारियों को आईसीई के देशभक्तों पर हमला करने से नहीं रोकते हैं तो मैं विद्रोह अधिनियम लागू करूंगा।’

इस पर मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को सीधे राष्ट्रपति से संपर्क करने की कोशिश की । इस बीच बताया गया है। कि बुधवार रात नॉर्थ मिनियापोलिस में एक आईसीई अधिकारी ने वेनेजुएला के एक नागरिक के पैर में गोली मार दी। इसके अलावा एक जज ने बुधवार सुबह मिनेसोटा में आईसीई के अभियान के खिलाफ अस्थायी रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि मिनेसोटा में इस समय अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट और अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के लगभग 3,000 एजेंट तैनात हैं ।

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