मुंबई: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति सरकार में सहयोगी दलों के बीच खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। इसकी वजह कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके से शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं की हालिया मुलाकात बनी है। भाजपा के कई नेताओं ने इस पर नाराजगी जताते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसे लेकर गठबंधन के भीतर मतभेद की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
शिवसेना नेताओं की मुलाकात से बढ़ा राजनीतिक विवाद
पिछले कुछ दिनों में शिवसेना के दो वरिष्ठ नेताओं की अभिजीत दीपके से मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई। इससे पहले छत्रपति संभाजीनगर में मंत्री संजय शिरसाट और विधान परिषद सदस्य बच्चू कड़ू अभिजीत दीपके के घर पहुंचे थे और उनसे तथा उनके परिवार से मुलाकात की थी। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आंदोलनकारी नेताओं से मंत्रियों की मुलाकात उचित संदेश नहीं देती।
भाजपा ने एकनाथ शिंदे से की कार्रवाई की मांग
राज्य के राजस्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि यह भले ही शिवसेना का आंतरिक विषय हो, लेकिन पार्टी नेतृत्व को अपने नेताओं के आचरण पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन का हिस्सा रहते हुए इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को इस मामले में सख्त रुख अपनाना चाहिए।
प्रवीण दारेकर बोले- इससे गठबंधन की छवि प्रभावित होती है
भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने भी शिवसेना नेताओं की अभिजीत दीपके से मुलाकात पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं का व्यवहार अलग विषय हो सकता है, लेकिन सत्ता पक्ष के मंत्री और नेता यदि ऐसे आंदोलनकारी के घर जाते हैं, जिसे लेकर सरकार की आलोचना हो रही है, तो इससे गलत संदेश जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चू कड़ू प्रचार पाने के उद्देश्य से दीपके से मिलने गए थे और शिवसेना नेतृत्व को दोनों नेताओं को फटकार लगानी चाहिए।
पहले संजय शिरसाट पहुंचे थे अभिजीत दीपके के घर
26 जुलाई को मंत्री संजय शिरसाट अभिजीत दीपके के माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। वह महायुति सरकार के पहले नेता थे जिन्होंने परिवार से संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विशेष अनुरोध कर अभिजीत दीपके की सुरक्षा सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे। शिरसाट ने कहा था कि दीपके परिवार से उनके पुराने पारिवारिक संबंध हैं और आंदोलन को राजनीतिक रंग न मिले, इसलिए वह पहले नहीं आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह केवल अभिजीत दीपके का हालचाल जानने पहुंचे हैं।
बच्चू कड़ू ने मुलाकात का किया बचाव
30 जुलाई को बच्चू कड़ू भी अभिजीत दीपके से मिलने पहुंचे थे। इस पर उठे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसी आंदोलनकारी से मिलना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी एक आंदोलनकारी रहे हैं और यदि कोई किसानों के मुद्दों को उठा रहा है तथा सरकार को अपनी बात बता रहा है तो उससे मिलना अनुचित नहीं माना जाना चाहिए। कड़ू ने यह भी कहा कि वह किसी राजनीतिक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता के तौर पर अभिजीत दीपके से मिलने गए थे।
महायुति में मतभेद की चर्चाएं तेज
शिवसेना नेताओं की इन मुलाकातों के बाद भाजपा की सार्वजनिक नाराजगी ने महायुति के भीतर समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, गठबंधन की ओर से किसी तरह के औपचारिक मतभेद की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की लगातार सामने आ रही प्रतिक्रियाओं ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है।
