मनोज श्रीवास्तवलखनऊ।राजनीति को आय का साधन, राजनीति में वंशवाद के विरोधी व रामायण मेला के जनक डॉ. राम मनोहर लोहिया की आज जयंती हैं। उन्होंने 1960 के दशक में रामायण मेला की परिकल्पना की थी, जिसका उद्देश्य भारत की एकता को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में रामायण के महत्व पर प्रकाश डालना था। पहला आयोजन चित्रकूट में 1973 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी द्वारा किया गया था, जबकि अयोध्या में इसकी शुरुआत 1982 में हुई थी। उनका विचार था कि यह आयोजन भारत की एकता को बढ़ावा देगा…
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