लखनऊ में चल रहे बजट सत्र के दौरान विधानसभा में युवाओं की बेरोजगारी, कौशल विकास और आईटीआई संस्थानों के निजीकरण का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की स्थिति पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार सृजन और कौशल विकास के नाम पर स्थापित सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों की अनदेखी की जा रही है और उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपा जा रहा है, जिससे युवाओं पर महंगी फीस का बोझ बढ़ेगा। ग्रामीण…
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