बांका। मोबाइल तकनीक ने जहां जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अब बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हालात चिंताजनक हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार करीब 40 प्रतिशत बच्चे मोबाइल फोबिया की चपेट में आ चुके हैं। स्थिति यह है कि बच्चे खाने, सोने और पढ़ाई के दौरान भी मोबाइल से खुद को अलग नहीं कर पा रहे हैं। पढ़ाई, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों की जगह अब मोबाइल और ऑनलाइन गेम ने ले…
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