नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार ने 18 फरवरी को सकारात्मक संकेतों के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में हालांकि उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन कुल मिलाकर बाजार की चाल संभली हुई नजर आई। निफ्टी 50 करीब 25,750 के स्तर के आसपास खुला, जबकि बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 100 अंकों की बढ़त के साथ सीमित दायरे में ट्रेड करता दिखा। बाजार के रुझान से संकेत मिल रहा है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मार्केट ब्रेड्थ में मिला-जुला रुझान
शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई संतुलित नजर आई। करीब 1,292 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 921 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 176 शेयर ऐसे रहे, जिनमें कोई खास बदलाव नहीं देखने को मिला। इससे साफ है कि बाजार में फिलहाल चयनात्मक खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
मेटल और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी
निफ्टी पर मेटल और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में अच्छी मांग देखने को मिली। शुरुआती सत्र में Hindalco Industries, Tata Steel, Apollo Hospitals, Cipla और Larsen & Toubro प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
इन शेयरों में दिखी कमजोरी
दूसरी ओर कुछ दिग्गज शेयरों में दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ONGC, Coal India, Tech Mahindra, HCL Technologies और TCS कमजोरी के साथ ट्रेड करते नजर आए।
इन स्टॉक्स पर रहेगी निवेशकों की खास नजर
Infosys: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys ने अपना AI-फर्स्ट वैल्यू फ्रेमवर्क पेश किया है। कंपनी को उम्मीद है कि इससे 2030 तक 300 से 400 अरब डॉलर के संभावित अवसरों का लाभ उठाया जा सकेगा।
Dilip Buildcon: Dilip Buildcon को गुजरात सरकार की 702 करोड़ रुपये की बाढ़ सुरक्षा परियोजना में एल-1 बोलीदाता घोषित किया गया है।
BHEL: Bharat Heavy Electricals Limited को SAIL से 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये के कैप्टिव पावर प्लांट प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिला है।
Dabur India: Dabur India ने भारत बिजनेस के लिए नए सीईओ की नियुक्ति की घोषणा की है।
Eternal: Eternal ने OpenAI के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया है, जिससे कंपनी के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एआई क्षमताएं और मजबूत होंगी।
आगे बाजार की दिशा क्या रहेगी
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता दिख रहा है, लेकिन कॉरपोरेट घोषणाओं और सेक्टोरल मूवमेंट के चलते स्टॉक-विशेष में मौके बन सकते हैं।
