राज्यसभा चुनाव का बिगुल: 10 राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून को मतदान, क्रॉस वोटिंग और ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। तारीखों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच रणनीति और समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है।

चुनाव की घोषणा के बाद विपक्षी खेमे में चिंता भी बढ़ गई है। विपक्ष को आशंका है कि भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए क्रॉस वोटिंग कराकर समीकरण बदल सकती है। पिछले कुछ राज्यसभा चुनावों में बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में क्रॉस वोटिंग के उदाहरण सामने आने के बाद विपक्षी दल अब अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर जोर दे रहे हैं।

24 सीटों पर कई राज्यों में कड़ा मुकाबला

जिन 24 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की चार-चार सीटें शामिल हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों पर मतदान होगा। इसके अलावा झारखंड में दो सीटें, जबकि मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर चुनाव कराया जाएगा।

झारखंड में सियासी तनाव, झामुमो ने जताई चिंता

सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल झारखंड में देखी जा रही है। यहां सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और उसके सहयोगी दलों के पास दो सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या है, लेकिन इसके बावजूद क्रॉस वोटिंग की आशंका ने गठबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

झामुमो ने इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके विधायकों पर दबाव बनाने और उन्हें वित्तीय प्रलोभन देने की कोशिश हो सकती है। झारखंड में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जबकि गठबंधन के पास यह संख्या मौजूद है। दूसरी ओर बीजेपी के पास 24 विधायक हैं, फिर भी पार्टी ने चुनावी मैदान में उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए चुनौती

मध्य प्रदेश में भी मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। यहां एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है, जबकि कांग्रेस के पास 52 विधायक हैं। मौजूदा समीकरणों के अनुसार बीजेपी दो सीटों पर और कांग्रेस एक सीट पर जीत दर्ज कर सकती है। हालांकि, यदि तीसरी सीट पर भी मुकाबला होता है तो कांग्रेस के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

कर्नाटक में भी सियासी गणित उलझा

कर्नाटक में भी राज्यसभा चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच सकता है। 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 135 विधायक हैं, जबकि बीजेपी और जेडीएस गठबंधन के पास 82 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस दो सीटों पर आसानी से बढ़त बनाए रख सकती है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ेगी।

वहीं एनडीए गठबंधन भी अतिरिक्त वोट जुटाकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

क्रॉस वोटिंग से बदल सकते हैं समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रॉस वोटिंग नहीं होती है, तो एनडीए को कुल 17 सीटों तक का फायदा मिल सकता है। इससे उसे दो अतिरिक्त सीटें हासिल होने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार इन चुनावों में सबसे ज्यादा फायदा तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को मिल सकता है, जबकि वाईएसआर कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस को कर्नाटक में फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन गुजरात जैसे राज्यों में उसका प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।

Related posts