नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून अब और अधिक सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार के लिए तेज बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार सुबह से दोपहर के बीच अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी वर्षा की भी संभावना है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शाम और रात के समय भी हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर आने की संभावना जताई है।
रविवार को भी राजधानी और एनसीआर के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। सबसे अधिक 48.5 मिलीमीटर बारिश छतरपुर क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जो इस मॉनसून सीजन में किसी एक इलाके में दर्ज की गई अब तक की सबसे ज्यादा वर्षा बताई जा रही है। बारिश के चलते सोमवार को तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।
बारिश से राहत भी मिली, जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें
रविवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही और अलग-अलग समय पर राजधानी के कई हिस्सों में बारिश हुई। जहां एक ओर लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी।
दक्षिणी दिल्ली के संगम विहार, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मध्य दिल्ली के पीतमपुरा और पूर्वी दिल्ली के कई क्षेत्रों में सड़कों और गलियों में पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बारिश का मौसम शुरू होने के बावजूद नालों की सफाई का कार्य पूरी तरह पूरा नहीं किया गया, जिसके चलते पानी निकासी की समस्या सामने आई।
छतरपुर और आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक छतरपुर में सबसे अधिक 48.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। तेज बारिश के बाद कई क्षेत्रों में नालियां और नाले ओवरफ्लो हो गए। छतरपुर मंदिर मार्ग से लेकर सतबड़ी तक मुख्य सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
राजपुर खुर्द, सतबड़ी और छतरपुर एक्सटेंशन जैसी कॉलोनियों में भी पानी भर गया। कई स्थानों पर गंदा पानी घरों के भीतर तक पहुंचने की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर हालात को लेकर नाराजगी जताई।
निगम ने अतिरिक्त टीमें और पंप लगाए
जलभराव की शिकायतों के बीच निगम अधिकारियों ने दावा किया कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं और पंपों की व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों के मुताबिक जलभराव से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
बारिश ने बिगाड़ी ट्रैफिक की रफ्तार
रविवार की बारिश का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला। सबसे ज्यादा असर एनएच-48 पर गुरुग्राम की ओर जाने वाले हिस्से में देखा गया, जहां बारिश शुरू होते ही बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक फ्लाईओवर के नीचे रुक गए, जिससे यातायात प्रभावित हो गया।
इसके अलावा पटपड़गंज स्थित मदर डेयरी रोड, हरि नगर रेड लाइट से जनकपुरी की ओर जाने वाले मार्ग, पीतमपुरा से पंजाबी बाग और जनकपुरी पूर्व से तिलक नगर तक कई हिस्सों में वाहन रेंगते नजर आए। लोगों को घंटों जाम में फंसकर परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश से सुधरी राजधानी की हवा
लगातार बदलते मौसम और बारिश के चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार रविवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 161 दर्ज किया गया, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो दिनों के दौरान हवा की गुणवत्ता में और सुधार देखने को मिल सकता है।
दो साल में जुलाई का सबसे गर्म दिन भी दर्ज
बारिश के बावजूद रविवार को दिल्ली ने पिछले दो वर्षों का जुलाई माह का सबसे गर्म दिन भी दर्ज किया। राजधानी का अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा। इससे पहले 11 जुलाई 2024 को अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
