बेंगलुरु: शहर के पूर्वी क्षेत्र में देर रात कैब का इंतजार कर रही एक महिला के साथ कथित अभद्रता और आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है। घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए कार्रवाई की मांग की। पोस्ट सामने आते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और वाहन के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कैब का इंतजार कर रही थी महिला, आरोपी ने किया गलत प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार पीड़िता रविवार रात मंजुनाथ नगर के कलकेरे स्थित केपीएल गार्डन्स के पास 5ए क्रॉस पर कैब का इंतजार कर रही थी। महिला ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और पैसों के बदले आपत्तिजनक प्रस्ताव दिया। महिला ने पोस्ट में संबंधित वाहन का नंबर भी साझा किया था, जिससे आरोपी की पहचान करने में पुलिस को मदद मिली।
पोस्ट में बयां किया पूरा घटनाक्रम
महिला ने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं, को सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की बदसलूकी का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपी की बातें डराने वाली और असम्मानजनक थीं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई। महिला ने इस घटना को साझा करते हुए अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की और कहा कि ऐसे व्यवहार को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज
पीड़िता ने अपने संदेश में कहा कि हर व्यक्ति को सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे इस तरह की घटनाओं के गवाह बनें तो आवाज उठाएं, क्योंकि चुप्पी अपराधियों का हौसला बढ़ा सकती है। महिला ने सार्वजनिक स्थानों को सभी के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक बनाए जाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
महिला की पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने वाहन के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बेंगलुरु में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ अभद्रता और उत्पीड़न की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। हाल ही में एक महिला प्रशिक्षु अधिकारी ने भी एक प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी पर मारपीट और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। ऐसे मामलों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
