प्राइवेट पार्ट कटने के बाद भी नहीं मचा शोर, CCTV में छत से छलांग लगाते दिखे शिष्य; प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत की जांच में कई सवाल

मथुरा: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच में कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आश्रम से मिले सीसीटीवी फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय मृतक किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में तो नहीं था। इसके लिए रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

कमरे से खून लगी धोती में निकलते दिखे

पुलिस को मिले आश्रम के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रसिक दुलारी शरण कमरे से बाहर निकलता दिखाई देता है। उसने एक धोती लपेट रखी थी, जिस पर खून दिखाई दे रहा था। एक अन्य धोती उसने आगे की तरफ कर रखी थी, जिससे शरीर का आगे का हिस्सा दिखाई नहीं दे रहा था।

फुटेज में वह सीढ़ियों की ओर जाता और फिर छत पर पहुंचता दिखाई देता है। इस दौरान वह पैर फैलाकर चल रहा था। छत पर पहुंचने के बाद वह कुछ देर बाउंड्री पर बैठा नजर आता है।

छत के CCTV में भी कैद हुआ पूरा घटनाक्रम

आश्रम की छत पर लगे सीसीटीवी फुटेज में भी रसिक दुलारी शरण दिखाई देता है। पुलिस के अनुसार, वह बाउंड्री पर बैठा नजर आता है। फुटेज में उसके चेहरे पर ऐसी स्पष्ट प्रतिक्रिया दिखाई नहीं देती, जिससे उसके अत्यधिक दर्द में होने का अनुमान लगाया जा सके।

इसके बाद वह अचानक तेजी से उठता है, छत की बाउंड्री पर चढ़ता है और नीचे छलांग लगा देता है। पुलिस को मिले फुटेज के अनुसार, जिस समय वह नीचे गिरा, उसी दौरान वहां से एक साइकिल सवार गुजर रहा था। समय में मामूली अंतर होने पर वह साइकिल सवार के ऊपर भी गिर सकता था।

पुलिस जांच में ड्रग्स एंगल भी शामिल

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मथुरा डॉ. भूदेव ने घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह समझना मुश्किल है कि कोई व्यक्ति इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से खुद को इतनी गंभीर चोट कैसे पहुंचा सकता है और उसके बाद बिना चीख-पुकार या स्पष्ट छटपटाहट के कमरे से निकलकर छत तक कैसे पहुंच सकता है।

पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और सीसीटीवी फुटेज के साथ रक्त जांच की रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय मृतक किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में था या नहीं। पुलिस ने आश्रम से मिले सीसीटीवी फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि यह भी जांचा जा सके कि फुटेज में किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

रूम नंबर 21 में रहता था रसिक दुलारी शरण

रसिक दुलारी शरण प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के पास स्थित गुरुकृपा कुंज भवन में रहता था। इस भवन में प्रेमानंद महाराज के दीक्षित शिष्य रहते हैं। रसिक दुलारी शरण के लिए रूम नंबर 21 निर्धारित था। इसी कमरे में उसके साथ जुगल शरण भी रहते थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान कमरे में रसिक दुलारी शरण अकेला था। सीसीटीवी फुटेज में वह कथित घटना के बाद इसी कमरे से बाहर निकलता दिखाई देता है।

पोस्टमार्टम में सात चोटें मिलीं

रसिक दुलारी शरण के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुल सात चोटों का उल्लेख किया गया है। सिर, चेहरे, हाथ-पैर और एड़ी के पास चोटें मिली हैं। इसके अलावा शरीर के निजी अंग पर गंभीर चोट की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया है।

जांच में इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कोई व्यक्ति खुद इलेक्ट्रिक ग्राइंडर से इतनी गंभीर चोट कैसे पहुंचा सकता है। इसके बाद बिना शोर किए कमरे से निकलकर सीढ़ियों से छत तक पहुंचने की परिस्थितियां भी जांच का हिस्सा हैं।

सीसीटीवी फुटेज में चलते समय उसके पैर फैले हुए दिखाई देते हैं, लेकिन चेहरे पर गंभीर पीड़ा के स्पष्ट भाव नजर नहीं आते। इसके बाद छत की बाउंड्री पर बैठना और अचानक उठकर वहां से छलांग लगाना भी जांच में महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, रक्त जांच और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों को मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी।

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