लखनऊ में मोहन भागवत का दो दिवसीय दौरा, छह ‘स्व मंत्रों’ से परिवारों में जगाएंगे भारतीयता का भाव

लखनऊ में शताब्दी वर्ष यात्रा पर निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीयता के बोध को मजबूत करने के अभियान को गति देने जा रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत सामाजिक सद्भाव और कुटुंब मिलन में शामिल होंगे, जहां वे विभिन्न मतों और पंथों की समान मूल भावना पर जोर देते हुए सामूहिक समाधान की बात रखेंगे। कार्यक्रम में परिवारों को छह जीवन मंत्र—स्वदेशी, स्वभाषा, स्वभोजन, स्वभूषा, स्वभवन और स्वभ्रमण—अपनाने का संदेश दिया जाएगा।

परिवारों को परंपराएं अपनाने का आह्वान
अवध प्रांत के प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे के अनुसार निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के शोध संस्थान में होने वाले कार्यक्रम में परिवारों को हिंदी में हस्ताक्षर करने, पारंपरिक वेशभूषा अपनाने, देशज भोजन को बढ़ावा देने और विदेश यात्रा से पहले देश भ्रमण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही घर के सामने तुलसी का पौधा और पताका लगाने तथा “वेलकम” के स्थान पर “स्वागतम” लिखने जैसी परंपराओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सामाजिक सद्भाव पर विशेष फोकस
बैठक में यह संदेश दिया जाएगा कि भारत में सनातन परंपरा से जुड़ी अनेक धाराएं होने के बावजूद उनका मूल आधार एक है। विभिन्न मत-पंथों की समस्याएं भी समान प्रकृति की हैं, जिन्हें समन्वय और संवाद से हल किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान परिवारों को पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

दूसरे दिन युवा संवाद और प्रबुद्ध जन संबोधन
प्रवास के दूसरे दिन 18 फरवरी को संघ प्रमुख युवा संवाद और प्रबुद्ध जन गोष्ठी को संबोधित करेंगे, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य वैचारिक संवाद के जरिए सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।

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