वाराणसी। उत्तर प्रदेश के Sonbhadra जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। किरवानी से सटे वन क्षेत्र चोराटूडांड में घर की पोताई के लिए मिट्टी लेने गए चार से पांच लोगों के सुरंग में दबने की आशंका जताई गई है। अब तक तीन महिलाओं के शव बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सदीकुन्निसा, सदेकुन्निशा और सीता कुंवर के शव स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाले गए हैं। अन्य लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन जारी है।
सुबह मिट्टी निकालने गए थे, अचानक ढही सुरंग
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सुबह कुछ लोग ढूहे के पास बनी गहरी सुरंग से मिट्टी निकालने गए थे। खुदाई के दौरान अचानक सुरंग का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए।
घटना के समय देवसिया नाम की महिला सुरंग के बाहर मौजूद थी। उसका पैर मलबे में दब गया था, लेकिन उसने किसी तरह बाहर निकलकर आसपास के लोगों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और प्रशासन को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सुरक्षा घेरा बनाया गया
सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सुरंग के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर राहत कार्य शुरू किया गया है। स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने जरूरी उपकरण और संसाधन मौके पर उपलब्ध कराए हैं ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके।
हालांकि तीन महिलाओं के शव मिलने के बाद अन्य लोगों के जीवित बचने की संभावना बेहद कम बताई जा रही है। सुरंग के भीतर दबे लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से सुरंग बनाकर मिट्टी निकाली जा रही थी, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस हादसे ने एक बार फिर अवैज्ञानिक और असुरक्षित खनन की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य पूरा होने के बाद विस्तृत जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
