लखनऊ में विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और कोविड वैक्सीन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष ने सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया, जबकि सदन के नेता और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया।
सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं पर विपक्ष का सवाल
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने सदन में आरोप लगाया कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी जरूरी मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, कुछ जिलों में मशीनें मौजूद होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ योजना पर सरकार का दावा
सरकार की ओर से जवाब देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
राहुल और अखिलेश पर वैक्सीन को लेकर हमला
कोरोना काल का जिक्र करते हुए केशव मौर्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने कोविड वैक्सीन को लेकर जनता को गुमराह किया, जबकि खुद उन्होंने वैक्सीन लगवाई थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में दस्तावेज उपलब्ध हैं और यदि विपक्ष चाहे तो उन्हें सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
ऊर्जा विभाग के कार्यों की सूची सदन में रखने के निर्देश
सदन की कार्यवाही सोमवार को सुबह 11 बजे सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान शिक्षक दल के सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा वर्ष 2023-24 में बिजनेस प्लान और अतिरिक्त बिजनेस प्लान के तहत आवंटित धनराशि से किए गए कार्यों की जानकारी मांगी। इस पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने जवाब दिया। सभापति ने निर्देश दिया कि जो कार्य पूरे हो चुके हैं, उनकी जांच कराकर सूची सदन के पटल पर रखी जाए।
पुरानी पेंशन योजना पर सरकार का स्पष्टीकरण
सपा के डॉ. मान सिंह यादव के प्रश्न के जवाब में सदन के नेता ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2005 में चयनित शिक्षकों को, जिन्होंने बाद में कार्यभार ग्रहण किया था, पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने का विकल्प दिया गया था। साथ ही कर्मचारियों की देरी के कारण संबंधित एनपीएस खातों को बंद करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है।
सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और निगरानी समितियों का मुद्दा उठा
निर्दलीय समूह के सदस्यों राजबहादुर सिंह चंदेल और डॉ. आकाश अग्रवाल ने उन्नाव के परिषदीय विद्यालयों से सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े मुद्दे उठाए। इस पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि पेंशन पुनरीक्षण का कार्य जारी है। वहीं, सदस्य विजय बहादुर पाठक ने निगरानी समितियों की बैठकें न होने का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार ने आश्वासन दिया कि जहां बैठकें नहीं हो रही हैं, वहां जल्द उन्हें शुरू कराया जाएगा।
महिला शिक्षकों को अवकाश और सुविधाओं से वंचित करने का मामला
अक्षय प्रताप सिंह और ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने प्रदेश के कई विद्यालयों में कार्यरत महिला शिक्षकों को उनके निर्धारित अवकाश और अन्य सुविधाओं से वंचित किए जाने का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में पुरुष प्रबंधकों ने अलग कार्यालय बना लिए हैं और विद्यालय परिसर में स्वयं शिक्षण कार्य की निगरानी करते हैं, जिसकी पुष्टि विद्यालयों में लगे सीसीटीवी कैमरों से हो सकती है।
