INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस पर सहयोगियों का हमला! नेतृत्व से लेकर रणनीति तक उठे सवाल, ममता-अखिलेश ने भी रखी बड़ी बात

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की अहम बैठक में विपक्षी एकता के साथ-साथ अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आए। 25 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी वाली इस बैठक में कई सहयोगी दलों ने कांग्रेस की कार्यशैली, नेतृत्व और मुद्दों को प्रभावी ढंग से न उठाने को लेकर सवाल खड़े किए। बैठक में यह भी कहा गया कि गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद रहे। वहीं समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।

वाम दलों ने कांग्रेस को घेरा, बयानबाजी पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान वामपंथी दलों के नेताओं ने कांग्रेस के कुछ बयानों पर नाराजगी जाहिर की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। केरल विधानसभा चुनाव के दौरान वाम दलों को भाजपा की ‘बी टीम’ बताए जाने वाले बयानों पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई।

वाम नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर INDIA गठबंधन की ओर से अपेक्षित स्तर की सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया, वे राज्य इकाई की सलाह और फीडबैक के आधार पर उठाए गए थे।

अखिलेश और तेजस्वी ने दी कांग्रेस को नसीहत

बैठक में क्षेत्रीय दलों की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे क्षेत्रीय सहयोगियों को समायोजित करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि गठबंधन की मजबूती सभी दलों को समान महत्व देने से ही संभव है।

बैठक के दौरान कुछ नेताओं ने पिछली बैठक का भी जिक्र किया और कहा कि जिस तरीके से कुछ कार्यक्रमों और बैठकों के संचालन में बदलाव किए गए, उससे सहयोगी दलों के बीच असहजता पैदा हुई है।

उद्धव ठाकरे और उमर अब्दुल्ला ने उठाया जनता के मुद्दों का सवाल

हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मुद्दा भी बैठक में उठा। उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता के बीच जो नाराजगी और असंतोष दिखाई दे रहा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उमर अब्दुल्ला ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक आक्रामक और समन्वित रणनीति अपनानी होगी।

ममता बनर्जी ने दिया बड़ा सुझाव

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों से कहा कि अब उनके पास पर्याप्त समय है और यदि INDIA गठबंधन चाहे तो उसका बेहतर उपयोग कर सकता है। उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि भाजपा विभिन्न राजनीतिक दलों में लगातार सेंध लगाने और उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

ममता बनर्जी ने गठबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बेहतर समन्वय तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में यह मांग भी उठी कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर समन्वय समितियों का गठन किया जाए, ताकि गठबंधन के भीतर संवाद और रणनीति को मजबूत किया जा सके।

केरल की राजनीति पर फिर छिड़ी बहस

बैठक में केरल की राजनीति भी चर्चा का केंद्र रही। वाम दलों ने कांग्रेस द्वारा भाजपा और वामपंथी दलों की तुलना किए जाने का मुद्दा एक बार फिर उठाया। इस पर राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने राज्य इकाई की राय और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपना रुख अपनाया था।

 

Related posts