20 दिन में चांदी धड़ाम ₹1.91 लाख टूटी कीमतें, एक्सपर्ट बोले अभी और गिरावट संभव

नई दिल्ली में कमोडिटी बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए चौंकाने वाला संकेत सामने आया है। बीते 20 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है और विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में दबाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेश की योजना बना रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

20 दिन में ऑल टाइम हाई से भारी करेक्शन
आंकड़ों के अनुसार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था, लेकिन 17 फरवरी मंगलवार को यह गिरकर 2,28,783 रुपये पर बंद हुई। यानी ऊपरी स्तर से करीब 1,91,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बुधवार को भी कीमतों में दबाव देखने को मिल सकता है।

जून-जुलाई तक 1.90 लाख तक आ सकती है कीमत
अजय केडिया, डायरेक्टर केडिया एडवाइजरी के मुताबिक यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो जून–जुलाई तक चांदी 2 लाख रुपये के नीचे जाकर करीब 1.90 लाख रुपये प्रति किलो तक फिसल सकती है। उनका कहना है कि औद्योगिक मांग कुछ सपोर्ट दे सकती है, लेकिन मजबूत डॉलर और कम होता जियोपॉलिटिकल तनाव फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा है।

₹2.25 लाख का स्तर बाजार के लिए निर्णायक
चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी एनालिस्ट कावेरी मोरे के अनुसार मंगलवार को चांदी में 5.5% की तेज गिरावट दर्ज हुई। एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण लिक्विडिटी कम रही और ट्रेडिंग वॉल्यूम घटने से गिरावट और तेज हो गई। उन्होंने कहा कि 2,25,000 रुपये का स्तर बेहद अहम है और अगर कीमत इसके नीचे टिकती है तो दबाव और बढ़ सकता है।

वैश्विक संकेत भी गिरावट की ओर इशारा
अमेरिका के कमजोर महंगाई आंकड़ों से यह उम्मीद बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। दरों में संभावित कटौती डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव लाती है, जिसका सीधा असर सोना-चांदी जैसी धातुओं पर पड़ता है। वहीं CFTC की 9 फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट बताती है कि नॉन-कमर्शियल ट्रेडर्स ने सिल्वर फ्यूचर्स में अपनी नेट लॉन्ग पोजिशन 2,922 कॉन्ट्रैक्ट घटाकर 22,955 कर दी है, जो दो साल का निचला स्तर है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि बाजार फिलहाल सावधानी के मूड में है।

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