गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है, जबकि सात जिलों में तीन लाख से अधिक लोग अब भी इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। वहीं, राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 15,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
सात जिलों में तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, विश्वनाथ और कामरूप महानगर जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इनमें चराइदेव सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 1,37,561 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में 84,600 और जोरहाट में 49,911 लोग प्रभावित बताए गए हैं। बाढ़ का पानी अभी भी 551 गांवों और करीब 21,523 हेक्टेयर कृषि भूमि में फैला हुआ है।
तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट, बढ़ सकता है खतरा
मौसम विभाग ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कई हिस्सों में गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। तिनसुकिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से जलभराव, अचानक बाढ़ और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ सकती है।
बाढ़ से सड़कें, फसलें और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ का असर केवल आबादी तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें, तटबंध, स्कूल और सार्वजनिक संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा 11,000 से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 17,000 से ज्यादा मवेशी इस आपदा से प्रभावित बताए गए हैं।
गुवाहाटी के कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित
कामरूप महानगर जिले के अंतर्गत आने वाला गुवाहाटी शहर भी शहरी बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है। अनिल नगर, नबीन नगर, जू रोड और हाथीगांव समेत 10 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इन क्षेत्रों में आबादी के आधिकारिक रूप से प्रभावित होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सरकार ने राहत पैकेज का किया ऐलान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को घरों की सफाई और जरूरी आवश्यकताओं के लिए 15,000 रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित लोगों के ऋण संबंधी राहत उपायों पर चर्चा के लिए बैंकों के साथ बैठक भी बुलाई गई है।
राहत शिविरों में हजारों लोगों को मिल रही मदद
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना प्रमुख जनरल धीराज सेठ ने पूर्वी कमान का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की और नागरिक प्रशासन की सहायता में जुटे जवानों की सराहना की। फिलहाल 71 राहत शिविरों में 16,500 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि हजारों अन्य लोगों तक राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता पहुंचाई जा रही है।
