हरिद्वार : मौनी अमावस्या पर गंगा में श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

Mauni Amavasya Haridwar,Holy dip in Ganga Haridwar,Haridwar Ganga snan Mauni Amavasya,Hindu religious festival Haridwar,Pilgrims gather at Har Ki Pauri,Mauni Amavasya significance,Ganga snan festival Uttarakhand,Haridwar religious news

हरिद्वार। मौनी अमावस्या के मौके पर धर्मनगरी हरिद्वार में हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगायी। स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।रविवार को कड़ाके की सर्दी के बावजूद गंगा स्नान के लिए भोर सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ना शुरू हो गयी। इस दौरान सभी गंगा घाट हर-हर गंगे के जयकारों से गूंजायमान होते रहे।

मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के साथ ही तीर्थनगरी के आश्रम-अखाड़ों में कई धार्मिक आयोजन हुए। अमावस्या होने के कारण नारायणीशिला पर अपने पितरों के निमित्त पिण्डदान, श्राद्ध-तर्पण व नारायण बलि करवाने वालों की भारी भीड़ रही। सनातन धर्म में मौनी अमावस्या पर मौन रहकर गंगा में स्नान करने के साथ ही अन्न, वस्त्र और तिल दान करने का विशेष महत्व है।

यह भी पढ़ें : अवैध संबंध के शक में प्रेम विवाह के चार माह बाद पत्नी की हत्या, आरोपित थाना पहुंचा

नारायणी शिला मंदिर के पुजारी पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि माघ माह में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। यह बहुत ही पुण्यदाई समय होता है। जो व्यक्ति आज के दिन अपने आसपास की नदियों में स्नान करता है, उसे कुंभ के स्नान के बराबर फल मिलता है। आज के दिन सभी देवी देवता और ऋषि-मुनि भी धरती पर स्नान के लिए आते हैं।

आज के दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति गंगा स्नान करने के बाद तिल, गुड़, अन्न, गर्म वस्त्र इत्यादि का दान करता है, उसे सहस्त्र वर्षों तक पुण्यफल की प्राप्ति होती है। स्नान पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

यह भी पढ़ें : बालेन शाह ने प्रतिनिधि सभा का उम्मीदवार बनने के लिए मेयर पद से दिया इस्तीफा

Related posts