दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 8 मार्च को प्रधानमंत्री Narendra Modi राजधानी में नई मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और कई नए कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और शहर को देश की पहली पूर्ण रूप से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलने जा रही है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि मेट्रो नेटवर्क का लगातार विस्तार राजधानी की परिवहन व्यवस्था को एक नए चरण में ले जा रहा है। उनके मुताबिक इन परियोजनाओं से यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा की सुविधा मिलेगी, साथ ही सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
दो नए मेट्रो कॉरिडोर का होगा उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क सेक्शन (मैजेंटा लाइन) शामिल हैं।
मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर शुरू होने के बाद पिंक लाइन की कुल लंबाई करीब 71.56 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली को देश की पहली पूरी तरह संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिल जाएगी। इससे राजधानी के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगा और उत्तर-पूर्वी व उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
वहीं दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक बनने वाला कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके शुरू होने के बाद इस लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। इससे कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा और यात्रियों को समयबद्ध व निर्बाध यात्रा की सुविधा मिलेगी।
फेज-V के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक का कॉरिडोर और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक का कॉरिडोर शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली के प्रशासनिक, वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। साथ ही एयरपोर्ट तक मेट्रो की सीधी और तेज पहुंच भी सुनिश्चित होगी।
एनसीआर के शहरों को भी मिलेगा फायदा
इन नई परियोजनाओं का लाभ केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एनसीआर के शहरों को भी इसका फायदा मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के निवासी वायलेट लाइन के जरिए तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन से सीधे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक यात्रा कर सकेंगे।
वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के कई क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
सार्वजनिक परिवहन के बजट में बड़ी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के बजट में दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग के बजट में बड़ी वृद्धि की है। इस बार परिवहन विभाग के लिए 9,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के 5,702 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 60 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में 2,929 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान भी किया गया है।
जाम और प्रदूषण कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मेट्रो नेटवर्क को इतना व्यापक बनाना है कि राजधानी के नागरिकों को अंतिम छोर तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि जब लोगों को बेहतर और सुविधाजनक परिवहन मिलेगा, तो निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर आधुनिक, सुलभ और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही हैं, ताकि राजधानी को एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली मिल सके।
