तिरुवनंतपुरम: केरल में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। अभिनेता एस. देवन ने रविवार को कनाचिकुलंगरा देवी मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में अपना भाषण समाप्त करने के दौरान मंच से ही यह ऐलान किया। इस दौरान श्री नारायण धर्म परिपालन योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन और भाजपा नेता बी. राधाकृष्ण मेनन भी मौजूद थे।
मंच से इस्तीफे का किया ऐलान
प्रदेश उपाध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा करते हुए एस. देवन ने कहा कि वह जिस राजनीति में विश्वास करते हैं, वह श्री नारायण गुरु के आदर्शों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केरल में भाजपा से जुड़ने के बाद पिछले पांच वर्षों में उन्हें महसूस हुआ कि वह उस रास्ते पर आगे नहीं बढ़ पाए, जिस राजनीति में उनका विश्वास था। देवन के मुताबिक, उनकी राजनीतिक सोच अलग थी और अब उन्हें इसका पक्का विश्वास हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा लिख दिया है और उपाध्यक्ष पद के साथ भाजपा की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ रहे हैं।
2004 और 2006 में लड़ा था चुनाव
सभा को संबोधित करते हुए देवन ने अपने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2004 और 2006 में चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। देवन ने कहा कि इसी मंच पर बैठने के बाद उन्होंने इस्तीफे की घोषणा करने का फैसला किया। भाषण के अंत में उन्होंने दोहराया कि भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए उन्होंने पत्र लिख दिया है।
भाजपा नेता बी. राधाकृष्ण मेनन ने जताई नाराजगी
देवन के इस्तीफे की घोषणा के लिए मंदिर के कार्यक्रम को चुने जाने पर भाजपा नेता बी. राधाकृष्ण मेनन ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि देवन ने 2047 तक भारत को दुनिया में सबसे आगे ले जाने की भाजपा की कोशिशों का हिस्सा नहीं बनने का फैसला क्यों किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके विचार में इस फैसले के कारण बताने के लिए यह उचित मंच नहीं था।
2021 में भाजपा में शामिल हुए थे देवन
एस. देवन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत केरल पीपल्स पार्टी बनाकर की थी। वर्ष 2020 में उनकी पार्टी का नाम बदलकर नवा केरल पीपल्स पार्टी कर दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद वर्ष 2021 में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया था। इसके बाद उन्हें भाजपा का केरल प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
