117 मौतों के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर बवाल, सीएम योगी ने तलब की रिपोर्ट; मुख्य सचिव से भी मांगा जवाब

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भीषण आंधी-तूफान और मौसम जनित आपदाओं से 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही मुख्य सचिव से भी इस संबंध में जवाब मांगा गया है।

आपदा के बीच विदेश यात्रा पर उठे सवाल

प्रदेश में 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बड़े पैमाने पर जनहानि हुई थी। ऐसे समय में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी से जुड़े शीर्ष अधिकारी के विदेश दौरे पर होने को लेकर प्रशासनिक गलियारों में भी सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी स्थिति की जानकारी मांगी है।

मौसम ने बदला मिजाज, गर्मी से मिली राहत

नौतपा के दौरान पिछले दो दिनों में उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तेज हवाओं, बारिश और आंधी के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।

बांदा में 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को गर्म हवाओं और तपिश से राहत मिली है।

75 जिलों में बारिश का अलर्ट, 10 जिलों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने 10 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 2 जून तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है और बीच-बीच में बारिश, तेज हवाएं तथा गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, कई जिलों में नुकसान

गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ सहित पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई। खराब मौसम के कारण कच्चे मकानों की दीवारें ढह गईं, टिनशेड उड़ गए और बड़ी संख्या में पेड़ गिर पड़े।

चित्रकूट से लगभग 500 तोतों की मौत की सूचना भी सामने आई है, जिससे वन्यजीवों पर भी मौसम की मार का असर दिखाई दिया।

31 लोगों की गई जान, बुंदेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित

आंधी-तूफान, बिजली गिरने और मौसम संबंधी अन्य हादसों में प्रदेश में 31 लोगों की मौत दर्ज की गई है। सबसे अधिक असर बुंदेलखंड क्षेत्र में देखने को मिला, जहां 15 लोगों की जान चली गई।

हमीरपुर में 6, बांदा में 3 तथा महोबा, उरई और जालौन में 2-2 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2 जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई।

सीएम ने दिए राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम जनित घटनाओं से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करने और पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए हैं।

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