व्हाइट हाउस का बड़ा दावा: ट्रंप–मोदी की ‘केमिस्ट्री’ मजबूत, रूस से तेल पर बदलेगा भारत का रुख?

वाशिंगटन। अमेरिका के व्हाइट हाउस ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बेहद अच्छे और मजबूत रिश्ते हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत हुई है और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।

रूस से तेल पर अमेरिका का बड़ा दावा
कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत अब अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से तेल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ेगा। लेविट के मुताबिक, इस फैसले से सीधे तौर पर अमेरिका और वहां के नागरिकों को लाभ होगा।

भारत-अमेरिका के बीच बड़ा व्यापार समझौता
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर बेहद गंभीर हैं। इसी वजह से वह अपनी टैरिफ नीति पर मजबूती से कायम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ एक और बड़ा व्यापार समझौता किया है, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करता है।

मोदी से सीधी बातचीत, रिश्तों पर जोर
लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बातचीत की है। उन्होंने दोहराया कि दोनों नेताओं के बीच बहुत अच्छे रिश्ते हैं और इसी का नतीजा है कि भारत ने रूस से तेल नहीं खरीदने का वादा किया है। इसके साथ ही भारत द्वारा वेनेजुएला से भी तेल खरीदने की संभावना जताई गई है।

अमेरिका में 500 अरब डॉलर निवेश का दावा
व्हाइट हाउस की ओर से यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने परिवहन, ऊर्जा और कृषि उत्पादों के क्षेत्र में अमेरिका में करीब 500 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसे अमेरिका की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा कदम बताया गया।

टैरिफ से बढ़ रही अमेरिकी अर्थव्यवस्था: व्हाइट हाउस
कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में नकदी आ रही है। उन्होंने दावा किया कि अब फैक्ट्रियां अमेरिका में ही लग रही हैं और इससे अमेरिकियों को रोजगार मिल रहा है।


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