रामपुर। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा से पहले ही नियमों में अहम बदलाव कर दिए हैं। फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर विभाग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा से लेकर परीक्षार्थियों की जांच तक सख्त प्रावधान किए गए हैं। खास बात यह है कि अब छात्राओं की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाएं ही लेंगी।
परीक्षा से तीन दिन पहले बनेगा स्ट्रांग रूम
जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचने से तीन दिन पहले ही स्ट्रांग रूम स्थापित किया जाएगा। स्ट्रांग रूम में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रहेंगे और प्रश्नपत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ रखा जाएगा। सभी कक्ष निरीक्षकों को अपने-अपने केंद्र व्यवस्थापकों को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की अहम भूमिका
सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की जांच करेंगे। स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रतिदिन परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले केंद्र पर पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में डबल लॉक खोला जाएगा, निर्धारित प्रश्नपत्र निकाले जाएंगे और दोबारा लॉक को सील किया जाएगा। साथ ही सशस्त्र पुलिस बल और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर लिखना होगा अनुक्रमांक
अपर मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक परीक्षार्थी को अपनी उत्तर पुस्तिका के हर पृष्ठ पर अनुक्रमांक और उत्तर पुस्तिका क्रमांक अनिवार्य रूप से लिखना होगा। कक्ष निरीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या नकल सामग्री लेकर प्रवेश न करे। ब्लैक बोर्ड पर किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, चार्ट या पोस्टर नहीं होने चाहिए।
परीक्षा की होगी वेबकास्टिंग, ऑनलाइन रखी जाएगी नजर
यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी। इस दौरान सभी परीक्षा केंद्रों की वेबकास्टिंग कराई जाएगी। जिला स्तर पर डीआईओएस कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी होगी। इसके साथ ही लखनऊ से भी जिले की परीक्षाओं की वेबकास्टिंग की जाएगी। जनपद के सभी परीक्षा केंद्रों का डाटा मुख्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है। जिले में कुल 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
कापियों की पैकिंग से लेकर सुरक्षा तक सख्त इंतजाम
परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पैक कर संकलन केंद्र तक भेजा जाएगा। स्ट्रांग रूम के बाहर भी कड़ी पुलिस सुरक्षा तैनात रहेगी। डीआईओएस अंजलि अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन कराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
छात्राओं की तलाशी को लेकर सख्त निर्देश
विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि यदि परीक्षा कक्ष में छात्राएं हैं तो उनकी तलाशी केवल महिला कक्ष निरीक्षक ही लेंगी। सीटिंग प्लान का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और परीक्षार्थियों को उसी के अनुसार बैठाया जाएगा। परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जाएगी और परीक्षा केंद्र परिसर में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा 50 प्रतिशत बाह्य कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी भी अनिवार्य की गई है।
