घर बनाना बना “जुर्म”? लखनऊ में वैध निर्माण पर दबंगों का ब्रेक!

लखनऊ : ठाकुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सराय माली खां (कंघी टोला) निवासी सैयद फहमी अली ने आरोप लगाया है कि वे अपने मकान हाउस नंबर 414/443 का पुनर्निर्माण वैध रजिस्ट्री और पूर्व संरचना के अनुरूप करा रहे हैं, लेकिन पड़ोसियों द्वारा लगातार अवैध रूप से इसमें बाधा डाली जा रही है.

गेट निर्माण को लेकर जबरन रोक

पीड़ित के अनुसार, उनके मकान के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट) के निर्माण को जबरन रोका जा रहा है. इस संबंध में उन्होंने पप्पू जायसवाल, अंकित, पवन, विष्णु और उनके सहयोगियों पर सीधे तौर पर बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया है.

31 जनवरी की रात क्या हुआ?

पीड़ित का कहना है कि 31 जनवरी की शाम और रात करीब 9 से 10 बजे के बीच, उपरोक्त व्यक्तियों ने सैकड़ों बाहरी अराजक तत्वों को बुलाकर गाली-गलौच की, भय का माहौल बनाया. निर्माणाधीन ढांचे को तोड़ने का प्रयास किया. स्थिति को स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप से बड़ी मुश्किल से नियंत्रित किया गया।

पुलिस पर गंभीर सवाल

पीड़ित के अनुसार, यह पूरा मामला थाना ठाकुरगंज और पुलिस चौकी सराय माली खां के चौकी प्रभारी रितेश राय के संज्ञान में है, इसके बावजूद उन्हें प्रभावी पुलिस संरक्षण नहीं मिला. उल्टा उन पर अनुचित दबाव बनाया गया कि वे पड़ोसियों की मांगें मान लें. उनके द्वारा रजिस्ट्री देखने के बाद भी उनका पक्ष नहीं लिया.

सांप्रदायिक रंग देने की आशंका

पीड़ित ने बताया कि एक वैध निर्माण विवाद को जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम विवाद का रूप देने की कोशिश की जा रही है, जिससे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था को खतरा हो सकता है.

परिवार भय और तनाव में

घटना के बाद से पीड़ित और उनका पूरा परिवार भय और गहरे मानसिक तनाव में है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए पप्पू जायसवाल, अंकित, पवन, विष्णु और उनके सहयोगी जिम्मेदार होंगे।


पीड़ित की प्रमुख मांगें

फहमी की प्रशासन से अपील है कि परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा दी जाये. वैध निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए जाएँ. साथ ही आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाये. इसके साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो.

यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनका परिवार मोहल्ला छोड़ के जाने को मजबूर हो जायेगा.

फहमी ने बताया कि वो कल पीएम नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजीजू सहित सीएम योगी आदित्यनाथ व लखनऊ पुलिस कमिश्नर को भी स्पीड पोस्ट द्वारा अपनी शिकायत भेजेंगे.

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