राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी : हर डॉग बाइट और मौत के लिए लगा सकते हैं जुर्माना

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आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी तय होगी जवाबदेही

एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों को लागू करने में विफल रहने पर लगायी फटकार

नई दिल्ली। आवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकारों को कड़ी चेतावनी दी। अदालत ने कहा कि कुत्ते के काटने की हर घटना और इससे होने वाली हर एक मौत के मामले में संबंधित राज्य पर भारी- भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में कुत्तों के हमले से किसी व्यक्ति पर जीवनभर का असर पड़ता है, ऐसे मामलों में डॉग फीडर्स (आवारा कुत्तों को भोजन देने वाले) की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हर डॉग बाइट और हर मौत के लिए हम राज्यों पर भारी मुआवजा तय करेंगे क्योंकि उन्होंने जरूरी इंतजाम नहीं किए। साथ ही डॉग फीडर्स की भी जिम्मेदारी होगी अगर आप उन्हें खाना खिला रहे हैं तो उन्हें अपने घर रखें । उन्हें खुले में घूमकर लोगों को काटने और उन पर हमला करने की इजाजत क्यों दी जाए ? सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियमों को लागू करने में पूरी तरह नाकामी दिखाई है। पीठ ने कहा कि यह समस्या दशकों से चली आ रही है और केंद्र व राज्यों की विफलता के कारण यह कई गुना बढ़ चुकी है।

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सुप्रीम कोर्ट ने चेताया कि हर उस पुरुष, महिला और बच्चे की मौत के लिए, जिसकी जान कुत्ते के काटने से गई है, जिम्मेदार सरकार पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा। इससे पहले 8 जनवरी की सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने एबीसी नियमों के कमजोर क्रियान्वयन पर चिंता जताई थी और डॉग लवर्स को हकीकत से दूर बताया था। पिछले सप्ताह कोर्ट ने कहा था कि महिला डॉग फीडर्स के कथित उत्पीड़न से जुड़े आरोप कानून-व्यवस्था का मामला हैं और पीड़ित एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने इस मुद्दे पर कथित टिप्पणियों की जांच से भी इंकार कर दिया था।

विशेष पीठ ने डॉग लवर्स से पूछे तीखे सवाल
तीन जजों की विशेष पीठ जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया ने कहा कि आवारा कुत्तों के बच्चों और बुजुर्गों पर हमलों के कई वीडियो मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स और डॉग फीडर्स से तीखा सवाल किया, क्या आपकी भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए हैं, इंसानों के लिए नहीं? शीर्ष अदालत विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिनमें डॉग लवर्स द्वारा पहले के आदेशों में संशोधन और सख्त अनुपालन की मांग की गई है। न्यायमूर्ति मेहता ने कहा, जब कुत्ते 9 साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए ?

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