किसानों के परिवारों को बड़ी सौगात! मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति अब ₹5000 प्रतिमाह, सहायता योजनाएं 2030 तक बढ़ीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि को 3000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2030 तक कर दी गई है।

छात्रवृत्ति का दायरा बढ़ाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाने के साथ-साथ योजना का दायरा भी विस्तारित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3025.49 करोड़ रुपये के बजट सहित किसान कल्याण, कृषि विपणन और मंडी व्यवस्था से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

2030 तक जारी रहेंगी किसान सहायता योजनाएं

बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि एक जुलाई 2025 से बढ़ाकर 30 जून 2030 तक करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इन दोनों योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 30 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी प्रदेश की मंडियां

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की मंडियों का आधुनिकीकरण और पुनरोद्धार किया जाए, ताकि किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था मिल सके। मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही पीपीपी मॉडल के तहत कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने और निवेश के अनुकूल नियम बनाने के निर्देश भी दिए गए।

कृषि प्रसंस्करण और ई-नाम पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रसंस्करण से किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने अधिक से अधिक मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ने, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को गति देने और प्रत्येक जिले में जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

3025.49 करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3025.49 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई। बैठक में 2228.59 करोड़ रुपये की अनुमानित प्राप्तियों को भी मंजूरी मिली। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 में 1991.33 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2305.80 करोड़ रुपये हो गई। यह 15.79 प्रतिशत की वृद्धि है।

निर्माण कार्यों और किसान बाजारों पर भी होगा खर्च

बजट में मंडी स्थलों के निर्माण एवं विस्तार, संपर्क मार्गों के निर्माण और मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंशी आश्रय स्थलों, छात्रावास निर्माण तथा मंडी समितियों के लिए भूमि क्रय जैसे कार्यों के लिए प्रावधान किया गया है। पहले से स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए 1212.02 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा मूल्य समर्थन योजना के तहत दलहन और तिलहन की खरीद को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

 

Related posts