NEET प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत, अब पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी नहीं होगी कार्रवाई; सरकारों ने दिए अहम निर्देश

कोलकाता/मुंबई: नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं को दो और राज्यों से बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, दोनों राज्यों ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए होगी और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर यह लागू नहीं होगी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने जारी किया आदेश

पश्चिम बंगाल सरकार के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग ने जारी बयान में कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार ने बताया कि यह निर्णय सभी तथ्यों पर विचार करने और 28 जुलाई को आए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को नहीं मिलेगी राहत

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इस फैसले का लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार के अनुसार, 26 जुलाई की शाम छह बजे तक दर्ज मामलों में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों के खिलाफ हाल में लागू किए गए सख्त कानूनों की धाराएं भी लगाई गई थीं। बाद में अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी।

महाराष्ट्र में एफआईआर वापस लेने के निर्देश

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को निर्देश दिया है कि नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाए। जानकारी के अनुसार, मुंबई, पुणे और नागपुर समेत कई शहरों में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से गैरकानूनी जमावड़े से संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए थे।

बड़े स्तर पर हुए थे प्रदर्शन

नीट पेपर लीक के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी। अधिकांश प्रदर्शन 23 और 24 जुलाई को आयोजित किए गए थे।

लिखित आश्वासन की उठी थी मांग

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठनों ने हाल ही में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई, दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने और भविष्य में नए मामले दर्ज न करने की मांग की थी। इसके साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। इसी बीच महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की थी।

 

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