भानवी सिंह को सुप्रीम झटका, राजा भैया को बड़ी राहत, घरेलू हिंसा मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की सुनवाई पर रोक

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और कुंडा विधानसभा सीट से लगातार सात बार विधायक रहे कुँवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी पत्नी की ओर से दायर घरेलू हिंसा मामले की याचिका का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकरण की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नहीं की जा सकती, क्योंकि यह अदालत सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से नामित है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी राहत?

सुनवाई के दौरान राजा भैया की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सांसदों और विधायकों के लिए गठित विशेष अदालतों का उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों से संबंधित आपराधिक मामलों का त्वरित निपटारा करना है। ऐसे में घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर मामले की सुनवाई इस विशेष अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

घरेलू हिंसा का मामला बताया गया दीवानी प्रकृति का

राजा भैया की ओर से यह भी कहा गया कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत होने वाली कार्यवाही मुख्य रूप से दीवानी प्रकृति की होती है, न कि आपराधिक। इसी आधार पर विशेष अदालत में इस मामले की सुनवाई को चुनौती दी गई।

क्षेत्राधिकार को लेकर भी उठाया गया सवाल

याचिका में घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 27 का हवाला देते हुए यह तर्क रखा गया कि इस मामले की सुनवाई का वैधानिक क्षेत्राधिकार केवल साकेत कोर्ट के पास है। इसलिए राउज एवेन्यू कोर्ट में इस प्रकरण की सुनवाई कानून के अनुरूप नहीं है।

राउज एवेन्यू कोर्ट में आगे नहीं बढ़ेगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राजा भैया की ओर से उठाए गए क्षेत्राधिकार संबंधी तर्क को स्वीकार कर लिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वर्तमान में राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चल रही इस घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

 

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