उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग के नियम हुए और सख्त! बिना लाइसेंस संचालन पर 1 लाख तक जुर्माना, सुरक्षा में बड़ी सख्ती

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। पूर्व में हुई दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य कैबिनेट ने उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग-क्याकिंग नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नए प्रावधानों के तहत सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिना लाइसेंस संचालन पर राफ्ट जब्त, 1 लाख रुपये तक जुर्माना

नई नियमावली के अनुसार बिना लाइसेंस रिवर राफ्टिंग या क्याकिंग का संचालन करने पर संबंधित राफ्ट को जब्त किया जाएगा। इसके साथ ही संचालक पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड निर्धारित किया गया है। नए नियमों के तहत कोई भी ऑपरेटर अपना लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को सबलेट नहीं कर सकेगा।

अब एक राफ्ट या एक क्याक का अकेले संचालन नहीं होगा

संशोधित नियमों के मुताबिक प्रत्येक राफ्टिंग ट्रिप के दौरान संबंधित फर्म की कम से कम दो राफ्ट का संचालन अनिवार्य होगा। यदि किसी विशेष स्थिति में एकल राफ्ट का संचालन किया जाता है तो उसके साथ कम से कम एक सेफ्टी क्याक होना जरूरी होगा। किसी भी परिस्थिति में केवल एक राफ्ट या केवल एक क्याक का स्वतंत्र संचालन नहीं किया जाएगा।

मानक हेलमेट और लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य

सरकार ने सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी सख्त प्रावधान किए हैं। प्रत्येक गाइड और प्रतिभागी के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। इसका पालन नहीं होने पर संबंधित लाइसेंसधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रिवर गाइड की आयु सीमा बढ़ाकर 60 वर्ष

संशोधित नियमावली के तहत रिवर गाइड और सेफ्टी क्याकर की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। हालांकि 50 वर्ष से अधिक आयु के गाइड और सेफ्टी क्याकर को स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

हेलमेट या लाइफ जैकेट नहीं पहनाने पर प्रति पर्यटक 5 हजार रुपये जुर्माना

यदि किसी पर्यटक को बिना हेलमेट या लाइफ जैकेट के राफ्टिंग कराते हुए पाया जाता है तो लाइसेंसधारक से प्रति प्रतिभागी 5 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। ओवरलोडिंग की स्थिति में भी यही दंड लागू होगा। इसके अलावा खराब सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने या गाइड के पास वैध परिचय पत्र नहीं होने पर लाइसेंसधारक और गाइड दोनों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।

नियमावली में किए गए अन्य अहम बदलाव

रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग गतिविधियों का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अब कम से कम तीन वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा। गंगा की धारक क्षमता के आकलन के बाद अन्य नदियों में राफ्टिंग संचालन कर रहे लाइसेंसधारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं लाइसेंस नवीनीकरण की समयसीमा भी घटाकर 90 दिन से 45 दिन कर दी गई है।

 

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