नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छोटे और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल नारे बनकर रह गए हैं। उनका दावा है कि परिवहन मंत्रालय के कुछ नियम स्थानीय बस और ट्रक बॉडी बनाने वाले छोटे उद्योगों पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं।
परिवहन मंत्रालय के नियमों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अपने हालिया जयपुर दौरे का एक वीडियो साझा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बस और ट्रक बॉडी निर्माण कार्यशालाओं का दौरा कर कारीगरों और उद्यमियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये कारीगर अपने कौशल और मेहनत से रोजगार और देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।
‘तकनीकी खामियों का दोष छोटे कारीगरों पर डाला जा रहा’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्रालय द्वारा बनाए गए नियम छोटे उद्योगों को दबाने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि बसों में आग लगने जैसी तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी स्थानीय निर्माताओं पर डाली जा रही है, जबकि जिन एमएसएमई को सहयोग मिलना चाहिए, उन्हें ही प्रभावित किया जा रहा है।
‘नीतियां बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। उनके अनुसार, यदि स्थानीय बस और ट्रक बॉडी निर्माण इकाइयां बंद होती हैं तो इससे केवल कारोबार ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि पारंपरिक कौशल खत्म होगा, रोजगार के अवसर घटेंगे और आम लोगों पर महंगाई का बोझ भी बढ़ेगा।
जयपुर दौरे का वीडियो किया साझा
वीडियो में राहुल गांधी स्थानीय बस और ट्रक बॉडी निर्माताओं की समस्याएं सुनते और उनके मुद्दों को उठाने का भरोसा देते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान की इन कार्यशालाओं में ऐसा भारत दिखाई देता है, जो अपने श्रम और कौशल से देश की आर्थिक गति को आगे बढ़ाता है।
गडकरी से मुलाकात के बाद उठा मुद्दा
राहुल गांधी का यह दौरा उस प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के कुछ सप्ताह बाद हुआ, जिसने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से नए मानकों और शुल्क को लेकर चिंता जताई थी। प्रतिनिधिमंडल का दावा था कि नए नियमों से कई छोटे निर्माता कारोबार से बाहर हो सकते हैं और लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित होने का खतरा है।
