नेपाल में बड़ा सड़क हादसा, 700 मीटर गहरी खाई में गिरी तीर्थयात्रियों से भरी जीप; 20 लोगों की मौत

नेपाल से गुरुवार को बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रोल्पा जिले में तीर्थयात्रियों को लेकर जा रही एक जीप पहाड़ी सड़क से फिसलकर करीब 700 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में 20 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा नेपाल के थवांग ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र के जलजाला इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण सड़क पर काफी कीचड़ हो गया था, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और जीप सीधे खाई में जा गिरी।

बारिश और कीचड़ बने हादसे की वजह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के समय इलाके में बारिश हो रही थी और पहाड़ी रास्ता बेहद फिसलन भरा हो गया था। इसी दौरान जीप चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, जीप सड़क से फिसलने के बाद कई सौ मीटर नीचे खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि अधिकांश यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने की वजह से राहत कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं।

फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और अधिकारियों द्वारा घटनास्थल पर स्थिति का लगातार जायजा लिया जा रहा है।

नेपाल में पहले भी हो चुके हैं बड़े सड़क हादसे

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम, संकरी सड़कें और फिसलन अक्सर बड़े सड़क हादसों की वजह बनते रहे हैं।

हाल ही में 10 फरवरी को भी मध्य नेपाल में एक बड़ा बस हादसा हुआ था। उस दौरान काठमांडू से ओखलढुंगा जा रही यात्री बस बागमती प्रांत के रामेछाप नगरपालिका क्षेत्र में तामाकोशी नदी में गिर गई थी।

उस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 8 अन्य यात्री घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लिया था।

लगातार हादसों से बढ़ी चिंता

नेपाल में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने परिवहन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषकर बरसात और खराब मौसम के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा को बेहद जोखिम भरा माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, वाहन फिटनेस और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा प्रबंधन को और मजबूत करने की जरूरत है।

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