पटना: बिहार की सियासत में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने न सिर्फ अपने क्षेत्र के विकास से जुड़ी बड़ी मांग रखी, बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अहम संकेत दिए।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पदभार संभालने की बधाई दी और मोकामा क्षेत्र के लिए एक बड़े और आधुनिक अस्पताल की मांग उठाई। उनका कहना था कि इलाके के लोगों को इलाज के लिए बार-बार पटना आना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ और परेशानियां बढ़ती हैं।
मोकामा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उठाई मांग
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्ट रूप से आग्रह किया कि मोकामा में ऐसा अस्पताल बनाया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज अपने ही क्षेत्र में मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पटना आने-जाने में लोगों का किराया खर्च होता है और समय की भी बर्बादी होती है। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया है।
राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान
इस दौरान अनंत सिंह ने अपने चुनावी भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे और पिछला चुनाव ही उनका आखिरी चुनाव था। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका बेटा राजनीति में आ सकता है, लेकिन यह पूरी तरह उसकी इच्छा पर निर्भर करेगा।
निशांत कुमार और तेजस्वी यादव पर टिप्पणी
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि संभवतः वह पहले राजनीति सीखना चाहते हैं, जबकि जनता चाहती थी कि उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जाए। वहीं तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनका नाम लेने का कोई विशेष फायदा नहीं है और लोग उनके बारे में सिर्फ इसलिए बात करते हैं क्योंकि वह लालू यादव के बेटे हैं।
शराबबंदी नीति पर उठाए सवाल
अनंत सिंह ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी खत्म होनी चाहिए और खुले तौर पर शराब बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए। उनका तर्क था कि लोग चोरी-छिपे शराब पी रहे हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नेतृत्व परिवर्तन का पहले ही कर चुके हैं समर्थन
गौरतलब है कि इससे पहले भी अनंत सिंह बिहार में हुए नेतृत्व परिवर्तन का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि नए नेतृत्व में अच्छा काम होगा और जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उनका पालन किया जाएगा। हाल ही में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
