ईरान की चेतावनी: 18 अमेरिकी टेक कंपनियों पर संभावित साइबर हमला, Apple और Microsoft शामिल

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब तकनीकी दुनिया तक पहुंच गया है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल के “आतंकवादी ऑपरेशनों” के जवाब में 18 अमेरिकी टेक कंपनियों पर साइबर हमले की चेतावनी जारी की है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल, गूगल और इंटेल जैसे दिग्गज शामिल हैं।

टेक कंपनियां आईं सीधे निशाने पर
IRGC के बयान के अनुसार, ये कंपनियां अमेरिकी ICT और AI तकनीक का उपयोग कर युद्ध और हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि ये कंपनियां अब “लीगल टारगेट” मानी जाएंगी और उनकी सुविधाओं पर साइबर हमले किए जा सकते हैं।

हमले की संभावित तारीख और सुरक्षा निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में हुए हमलों के बदले इन कंपनियों से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया जाएगा। IRGC ने कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को कम से कम एक किलोमीटर के दायरे से दूर रहने की सलाह दी है। जवाबी कार्रवाई 1 अप्रैल 2026 को तेहरान समयानुसार रात 8 बजे से शुरू हो सकती है।

खतरे में कंपनियों की लिस्ट
IRGC की चेतावनी में शामिल कंपनियों में सिस्को, एचपी, ओरेकल, मेटा, आईबीएम, डेल, पलान्टिर, एनवीडिया, जेपी मॉर्गन, टेस्ला, जीई, स्पायर सॉल्यूशंस, G42 और बोइंग शामिल हैं।

साइबर खतरे की गंभीरता
कुछ दिन पहले ही ईरान से जुड़ी एक हैकिंग वेबसाइट ने काश पटेल के व्यक्तिगत जीमेल अकाउंट को हैक करने का दावा किया था, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह साइबर खतरा सिर्फ चेतावनी नहीं बल्कि वास्तविक कार्रवाई में बदल सकता है।

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