दिल्ली में बोरवेल पर बड़ी राहत: जल्द आसान होगी अनुमति प्रक्रिया, अवैध कनेक्शन होंगे नियमित

नई दिल्ली: राजधानी के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार ने घरेलू बोरवेल को लेकर नई नीति लाने की घोषणा की है, जिससे वर्षों से चली आ रही जटिल अनुमति प्रक्रिया आसान हो जाएगी और अवैध बोरवेल को भी वैध बनाने का रास्ता खुलेगा। इस अहम फैसले की जानकारी जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दी।

घरेलू बोरवेल को मिलेगा वैध दर्जा, नई अनुमति भी होगी आसान

जल मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राजधानी में बड़ी संख्या में बोरवेल बिना अनुमति के संचालित हो रहे हैं, जबकि अनुमति लेने की प्रक्रिया काफी जटिल है। नई नीति के तहत सरकार ऐसे बोरवेल को नियमित करेगी और लोगों को सरल प्रक्रिया के जरिए वैध अनुमति लेने का मौका दिया जाएगा। साथ ही नए बोरवेल के लिए भी अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल स्तर में सुधार के बाद यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

NOC की बाध्यता खत्म, प्रक्रिया होगी डिजिटल और सरल

सरकार बोरवेल अनुमति के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसे अगले 2 से 3 महीनों में लागू किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला मजिस्ट्रेट से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लेने की अनिवार्यता को खत्म कर प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। अभी तक लोगों को कई स्तरों पर अनुमति लेनी पड़ती थी और अवैध बोरवेल पर नोटिस भी जारी किए जाते थे, लेकिन अब इन जटिलताओं को दूर किया जाएगा।

भूजल दोहन पर नियंत्रण के लिए लगेगा मीटर

प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि भूजल के अत्यधिक दोहन को रोकने के लिए सरकार बोरवेल पर मीटर लगाने की योजना बना रही है। इससे पानी के उपयोग पर नजर रखी जा सकेगी और संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में करीब 5,000 बोरवेल दर्ज हैं, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।

सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने की भी तैयारी

सरकार ने जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने की भी योजना बनाई है। आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 1,500 मिलियन गैलन प्रतिदिन किया जाएगा। यह कदम राजधानी की बढ़ती पेयजल जरूरतों को पूरा करने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Related posts