नई दिल्ली। होली का त्योहार जैसे-जैसे करीब आता है, रंगों और उत्साह का माहौल बन जाता है। लेकिन जश्न के बाद कई लोगों के लिए असली चुनौती तब शुरू होती है, जब आईने में चेहरा अलग-अलग रंगों से भरा नजर आता है और रंग उतरने का नाम नहीं लेते। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर रंग जल्दी और सुरक्षित तरीके से कैसे हटाए जाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग होली खेलने से पहले और बाद में कुछ आम गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से रंग छुड़ाना और भी मुश्किल हो जाता है।
स्किन की देखभाल में लापरवाही पड़ सकती है भारी
होली खेलने से पहले त्वचा को तैयार करना बेहद जरूरी है। अगर स्किन पर पहले से मॉइश्चर या तेल की परत नहीं है, तो रंगों में मौजूद केमिकल्स सीधे त्वचा के संपर्क में आ जाते हैं। खासतौर पर ड्राई स्किन रंगों को ज्यादा सोख लेती है, जिससे बाद में उन्हें हटाना कठिन हो जाता है। इससे एलर्जी, रेडनेस और पिंपल्स जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में चेहरे से लेकर शरीर तक सरसों या नारियल तेल लगाना फायदेमंद माना जाता है, ताकि रंग त्वचा की ऊपरी सतह पर ही रहे।
बालों में तेल न लगाना बन सकता है नुकसान की वजह
होली के रंग सिर्फ त्वचा ही नहीं, बल्कि बालों को भी प्रभावित करते हैं। अगर बिना तेल लगाए रंग खेला जाए, तो केमिकल युक्त रंग बालों में चिपक जाते हैं और उन्हें हटाना मुश्किल हो जाता है। इससे बाल कमजोर, रूखे और बेजान हो सकते हैं, साथ ही हेयरफॉल की समस्या भी बढ़ सकती है। रंग छुड़ाने के लिए माइल्ड शैंपू से एक या दो बार ही बाल धोने की सलाह दी जाती है। बाल धोने से पहले 15 से 20 मिनट तक सरसों, नारियल या बादाम तेल से हल्की मसाज करने से रंग आसानी से निकल सकता है।
सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल बढ़ा सकता है जोखिम
बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंग दिखने में भले आकर्षक लगते हों, लेकिन ये त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें मौजूद केमिकल्स का असर देर तक बना रहता है और रंग आसानी से नहीं उतरते। यही वजह है कि विशेषज्ञ होली के दौरान ऑर्गेनिक या हर्बल रंगों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं, जो त्वचा से जल्दी साफ हो जाते हैं और नुकसान का खतरा कम करते हैं।
त्वचा पर देर तक रंग छोड़ना कर सकता है संक्रमण
होली खेलने के बाद कई लोग घंटों तक रंगों को त्वचा पर लगा रहने देते हैं। लेकिन पक्के रंगों में मौजूद केमिकल्स त्वचा पर ज्यादा देर तक रहने से खुजली, रैशेज, ड्राईनेस और स्किन इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं। इसलिए रंग खेलने के बाद जितनी जल्दी हो सके, गुनगुने पानी और हल्के क्लींजर से त्वचा को साफ करना जरूरी है। जोर-जबरदस्ती से रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा को और नुकसान पहुंच सकता है।
होली का असली आनंद तभी है, जब त्योहार के बाद भी आपकी त्वचा और बाल सुरक्षित और स्वस्थ रहें। थोड़ी सावधानी और सही तैयारी से रंगों की मस्ती भी बनी रहती है और बाद की परेशानी से भी बचा जा सकता है।
