पटना। सफेद नंबर प्लेट वाली निजी गाड़ियों का व्यावसायिक इस्तेमाल अब भारी पड़ सकता है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने विधान परिषद में स्पष्ट किया कि निजी रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियां यदि कमर्शियल उपयोग में पाई गईं तो उनके मालिकों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिलों को सख्त निर्देश, होगी विशेष जांच
मंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर ऐसे वाहनों की पहचान के लिए अभियान चलाने को कहा गया है। जांच के दौरान यदि कोई निजी वाहन व्यावसायिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो संबंधित मालिक को नोटिस भेजा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोटिस के बाद लगेगा जुर्माना
परिवहन विभाग ने नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस के बाद संबंधित वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। अब तक 2600 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला जा चुका है।
राजस्व हानि पर रोक और नियमों का पालन
सरकार का कहना है कि निजी और व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान हैं। निजी गाड़ियों का कमर्शियल उपयोग न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राजस्व की भी हानि होती है। इसी को रोकने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है ताकि नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके।
निजी गाड़ियों पर ‘बिहार सरकार’ लिखना भी पड़ेगा महंगा
परिवहन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी वाहनों पर ‘बिहार सरकार’, विभागीय नाम या किसी पद का बोर्ड लगाकर चलने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
फर्जी पहचान पर सरकार की सख्ती
सरकार का मानना है कि कुछ लोग निजी वाहनों पर सरकारी पहचान दर्शाकर नियमों से बचने की कोशिश करते हैं। अब ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि फर्जी पहचान के जरिए किसी तरह की छूट न ली जा सके।
