जम्मू से बड़ी धार्मिक और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। छह दशकों से लंबित सपना अब साकार होने जा रहा है। बुधवार को कटड़ा में त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला पर श्री माता वैष्णो देवी भवन के निकट एक पहाड़ी पर श्री शंकराचार्य जी के भव्य मंदिर के निर्माण की औपचारिक शुरुआत होगी। इस ऐतिहासिक परियोजना का शिलान्यास उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे, जो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।
1967 में आया था मंदिर निर्माण का विचार
श्री शंकराचार्य जी के मंदिर के निर्माण की परिकल्पना पहली बार वर्ष 1967 में सामने आई थी। त्रिकुटा पर्वत श्रृंखला के बीच मंदिर बनाने का प्रस्ताव उस समय तैयार हुआ था, लेकिन भूमि से जुड़े विवाद और सहमति न बन पाने के कारण यह योजना दशकों तक फाइलों में ही सिमटी रही।
एलजी मनोज सिन्हा की पहल से सुलझा भूमि विवाद
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर संबंधित प्रशासन ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए। वर्ष 2025 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और संबंधित भूमि मालिकों के बीच आपसी सहमति से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए, जिसके बाद मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो सका।
41 कनाल भूमि दान, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
भूमि मालिकों ने श्री शंकराचार्य जी के मंदिर के लिए मोटर वाहन योग्य सड़क के निर्माण और यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय, स्नानगृह और पेयजल प्वाइंट जैसी मूलभूत सुविधाओं हेतु कुल 41 कनाल भूमि दान करने की सहमति दी है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुविधा दोनों को मजबूती मिलेगी।
50 कमर्शियल दुकानें और 31.51 करोड़ की परियोजना
श्राइन बोर्ड ने मंदिर परिसर के साथ एक्सेस ट्रैक, जन सुविधाओं और भूमि मालिकों के लिए 50 कमर्शियल दुकानों के निर्माण का भी प्रस्ताव तैयार किया है। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत 31.51 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित होगा क्षेत्र
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार श्री शंकराचार्य मंदिर न केवल कटड़ा की आध्यात्मिक यात्रा को और समृद्ध करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और माता वैष्णो देवी भवन व उसके आसपास का इलाका एक समग्र आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
