मॉस्को: यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस में हुए संसदीय चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं। 450 सीटों वाली स्टेट ड्यूमा के लिए हुए चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया पार्टी अब तक गिने गए वोटों में 57 फीसदी मतों के साथ सबसे आगे चल रही है। पार्टी के दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की संभावना जताई जा रही है। फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ युद्ध शुरू होने के बाद यह रूस में हुआ पहला संसदीय चुनाव है।
25 सितंबर के आसपास आ सकते हैं अंतिम नतीजे
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को राष्ट्रीय एकता और रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर पेश किया है। चुनाव से पहले युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली याब्लोको जैसी विपक्षी पार्टियों और युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों को मुख्य राष्ट्रीय सूची से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद चुनावी मैदान में मुख्य रूप से वही दल रह गए जो सरकार की नीतियों का समर्थन करते हैं।
यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बीच हुए इस चुनाव में रूस में करीब 57 फीसदी मतदान हुआ, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक बताया गया है। अंतिम नतीजे 25 सितंबर के आसपास आने की उम्मीद है। मौजूदा रुझानों के आधार पर यूनाइटेड रशिया को दो-तिहाई सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला
रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन यूक्रेन ने मॉस्को और आसपास के इलाकों में 1600 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई। मृतकों में 44 वर्षीय एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं।
मॉस्को के मेयर के मुताबिक, राजधानी की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, रिफाइनरी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।
रूस की ओर से जवाबी हमले की अटकलें
ड्रोन हमलों के बाद रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की।
बातचीत के बाद जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को पारित कराने के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया।
