लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग और एसआईआर के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के पीछे युवाओं या एसआईआर और यूजीसी जैसे मुद्दों की भूमिका नहीं है, बल्कि कांग्रेस युवाओं को आगे करके अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है।
एएनआई से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि धीरे-धीरे आंदोलन के पीछे की बातें स्पष्ट हो रही हैं। शुरुआत में कुछ भ्रम की स्थिति थी, लेकिन आंदोलन से जुड़े लोगों की मंशा और उनके बयानों से अब सब कुछ सामने आने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में तख्तापलट और बांग्लादेश बनाने जैसी बातें कही गईं। देश की जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और इस आंदोलन के पीछे न तो नौजवान हैं, न एसआईआर और न ही यूजीसी का मुद्दा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस अपना खोया हुआ राजनीतिक मंच दोबारा तैयार करने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली होने जा रही है। इसमें देशभर से विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस ने इस रैली को समर्थन दिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद पवन खेड़ा ने गुरुवार शाम रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।
रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस ने रामलीला मैदान में होने वाली रैली में 10 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का अनुमान है कि इसमें करीब 50 हजार लोग पहुंच सकते हैं। रैली को देखते हुए सुरक्षा के लिए कम से कम 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती का फैसला किया गया है। खबर के मुताबिक, सीजेपी के नेता इस रैली में शामिल नहीं होंगे।
एमएलसी चुनाव में बीजेपी को लगा झटका
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। इन चुनावों में बीजेपी ने छह सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में पांच सीटें गईं।
बीजेपी के लिए सबसे बड़ा झटका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लगा, जहां दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। इसके अलावा लखनऊ स्नातक सीट पर भी सपा ने कब्जा जमाया। इन नतीजों ने प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
