रेलवे, फार्मा और स्थानीय कारोबार… इन 3 सेक्टर पर मोदी सरकार का खास फोकस, पीएम ने बताया 16 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का प्लान

नई दिल्ली: केंद्र सरकार रेलवे, दवा निर्माण और स्थानीय कारोबार को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार की इन तीन प्राथमिकताओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले हुई 54वीं प्रगति बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान रेलवे स्टेशनों को आधुनिक परिवहन केंद्र बनाने, फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और कारीगरों व स्थानीय कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के मुद्दों पर चर्चा हुई।

इन तीन क्षेत्रों पर सरकार का विशेष ध्यान

प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में तीन प्रमुख क्षेत्रों का जिक्र किया। इनमें रेलवे स्टेशनों का मल्टीमॉडल हब के रूप में पुनर्विकास, फार्मा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता और कारीगरों व स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए एकता मॉल की स्थापना शामिल है।

रेलवे स्टेशनों को आधुनिक परिवहन केंद्र बनाने की तैयारी

केंद्र सरकार रेलवे को आधुनिक बनाने, उसकी क्षमता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों को केवल ट्रेन पकड़ने और उतरने की जगह के बजाय मल्टीमॉडल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और रेलवे नेटवर्क पर भीड़ कम करने के लिए कई मार्गों पर मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाएं भी चलाई जा रही हैं। देश के 1,300 से अधिक छोटे-बड़े रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने की दिशा में काम जारी है।

फार्मा निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर

सरकार दवा निर्माण के क्षेत्र में देश की क्षमता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कई कदम उठा रही है। इसके लिए फार्मा क्षेत्र में 15 हजार करोड़ रुपये और बल्क ड्रग्स के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए करीब 7 हजार करोड़ रुपये की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं लागू की गई हैं।

इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में ड्रग पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इनमें गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य देश में दवाओं और उनके कच्चे माल के उत्पादन को बढ़ावा देना है।

क्या है पीएम एकता मॉल?

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम एकता मॉल की योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों के उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को एक मंच उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत 27 राज्यों में ऐसे मॉल बनाने की मंजूरी दी गई है। इन्हें राज्य की राजधानी, प्रमुख आर्थिक केंद्र या अधिक पर्यटन वाले शहरों में स्थापित करने की योजना है। इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया है। इन मॉल के जरिए कारीगरों और स्थानीय कारोबारियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।

प्रगति बैठक में प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 54वीं प्रगति बैठक में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान ठोस नतीजे हासिल करने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और लोगों को लंबे समय तक लाभ पहुंचाने पर है।

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