रात में जल्दी नींद लाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, दवाइयों की जरूरत कम करने में मिल सकती है मदद

नई दिल्ली: दिनभर काम और भागदौड़ के बाद शरीर और दिमाग को आराम देने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है। लेकिन कई लोगों को बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक नींद नहीं आती और वे करवट बदलते रहते हैं। नींद पूरी न होने से अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन और काम पर असर पड़ सकता है। ऐसे में कुछ आसान आदतों और आराम देने वाली तकनीकों को अपनाकर नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

खाने में शामिल कर सकते हैं हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्ब्स

हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्बोहाइड्रेट तेजी से पचते हैं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। इनमें सफेद ब्रेड, सफेद चावल, सफेद आलू और फ्राइड आलू, तरबूज और अनानास जैसे फल, केक और कुकीज शामिल हैं।

हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ के सेवन से तुरंत नींद आने की गारंटी नहीं होती। संतुलित भोजन और नियमित नींद की दिनचर्या भी महत्वपूर्ण है।

मिलिट्री मेथड से शरीर को करें रिलैक्स

सोने से पहले शरीर और चेहरे की मांसपेशियों को रिलैक्स करने की कोशिश की जा सकती है। सबसे पहले चेहरे की सभी मांसपेशियों को ढीला छोड़ें। इसके बाद कंधों की तनाव वाली स्थिति को कम करें और दोनों हाथों को शरीर के किनारों पर आराम से रखें।

धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए छाती और पैरों को भी रिलैक्स करें। इसके बाद किसी शांत और आरामदायक दृश्य की कल्पना करें। अगर दिमाग में लगातार विचार आ रहे हों तो कुछ सेकंड तक खुद को शांत रखने और किसी चीज के बारे में न सोचने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।

4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक से शांत करें दिमाग

सोने से पहले 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक भी अपनाई जा सकती है। इसके लिए मुंह से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। इसके बाद होंठ बंद करके नाक से सांस लें और मन में चार तक गिनें। फिर करीब सात सेकंड तक सांस रोककर रखें।

इसके बाद मुंह से धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ें। इस दौरान शरीर की मांसपेशियों को भी क्रमशः रिलैक्स किया जा सकता है। पहले भौंहों को कुछ सेकंड के लिए ऊपर उठाकर रखें और फिर ढीला छोड़ दें। इसी तरह गाल, आंख और गर्दन की मांसपेशियों को भी तनावमुक्त करने की कोशिश करें।

दिन में ज्यादा देर सोने से बचें

दिन में लंबे समय तक सोने या बार-बार झपकी लेने से रात की नींद का चक्र प्रभावित हो सकता है। इसलिए दिन में जरूरत से ज्यादा सोने से बचना बेहतर माना जाता है। नियमित समय पर सोने और जागने की आदत भी नींद की दिनचर्या को व्यवस्थित रखने में मदद कर सकती है।

दिन में करें एक्सरसाइज, रात में नहीं

दिन के समय नियमित शारीरिक गतिविधि या व्यायाम नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद कर सकता है। हालांकि सोने के बिल्कुल करीब भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर अधिक सक्रिय हो सकता है और नींद आने में देरी हो सकती है।

सोने से 30 मिनट पहले मोबाइल बंद करें

सोने से ठीक पहले मोबाइल फोन, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से भी नींद आने में परेशानी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि सोने से कम से कम 30 मिनट पहले इन उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें और कमरे का माहौल शांत रखें।

सोने से पहले कैफीन लेने से बचें

चाय, कॉफी और कैफीन वाली अन्य चीजें शरीर को अधिक सतर्क रख सकती हैं। इसलिए रात की नींद प्रभावित न हो, इसके लिए सोने से कम से कम चार घंटे पहले कैफीन का सेवन बंद करने की सलाह दी जाती है।

तनाव और चिंता कम करने के लिए मेडिटेशन करें

कई बार तनाव और चिंता के कारण भी दिमाग शांत नहीं हो पाता और नींद आने में परेशानी होती है। ऐसे में सोने से पहले कुछ समय मेडिटेशन या गहरी सांस लेने जैसी रिलैक्सेशन तकनीकों के लिए निकाला जा सकता है। अगर लंबे समय से नींद की समस्या बनी हुई है या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

 

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