गोंडा/गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गोंडा और गाजीपुर में रविवार देर रात समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पूर्व सरकार को लेकर विवादित होर्डिंग लगाए गए। सोमवार सुबह इन पर सपा नेताओं की नजर पड़ी तो विरोध शुरू हो गया। सपा कार्यकर्ताओं ने दोनों जिलों में लगे पोस्टरों को फाड़ दिया। पोस्टर किसने लगाए, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोंडा में लगाए गए पोस्टरों पर लिखा था- ‘आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार।’ वहीं गाजीपुर में लगे पोस्टर पर ‘माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश’ लिखा था। इन पोस्टरों में अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, सपा नेता रमाकांत यादव, उमाकांत यादव और मुन्ना बजरंगी की तस्वीरें भी लगाई गई थीं। पोस्टर के नीचे लिखा था- ‘अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश।’
गोंडा में अखिलेश के साथ अतीक, आजम और मुख्तार की तस्वीरें
गोंडा में लखनऊ हाईवे पर चौपाल सागर चौराहे के पास सोमवार तड़के करीब 4 बजे विवादित होर्डिंग लगाए मिले। इन पर अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, आजम खान और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें लगाई गई थीं। पोस्टरों में इन तीनों से जुड़ी खबरों की कटिंग भी लगाई गई थी।
पोस्टरों के जरिए समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को इन नेताओं से जोड़ने का संदेश दिया गया। सुबह जानकारी मिलने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई।
सपा नेता ने स्थानीय लोगों की मदद से फाड़े पोस्टर
पोस्टर लगे होने की जानकारी मिलने पर समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम मौके पर पहुंचे। वह लखनऊ जा रहे थे। सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों पोस्टर फाड़ दिए।
लाल चंद्र गौतम ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग आए दिन उनके नेता के खिलाफ विवादित पोस्टर लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर अहंकारी, भ्रष्टाचारी और चंदा चोर होने का आरोप भी लगाया।
गौतम बोले- माफियाओं का संबंध सपा नहीं, भाजपा नेताओं से
लाल चंद्र गौतम ने दावा किया कि माफियाओं का संबंध उनके नेता से नहीं, बल्कि भाजपा के बड़े नेताओं से है। उन्होंने कहा कि गोंडा में इस तरह के विवादित पोस्टर तीसरी बार लगाए गए हैं। इससे पहले भी दो बार ऐसे पोस्टर लगाए जा चुके हैं, जिन्हें जानकारी मिलने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिया था।
गाजीपुर में भी लगे विवादित पोस्टर, पुलिस जांच में जुटी
गाजीपुर में लगाए गए पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरें दिखाई गईं। पोस्टरों में माफियाराज और अखिलेश यादव को लेकर आपत्तिजनक संदेश लिखे गए थे।
दोनों जिलों में पोस्टर किसने लगाए, इसकी अभी जानकारी सामने नहीं आई है। सपा नेताओं के विरोध के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
