ट्रंप झुके : ठीक है, एपल भारत में बनाए आइफोन, लेकिन अमेरिका में बेचने पर लगेगा टैरिफ

एक दिन पहले दी थी धमकी, भारत में बने आइफोन अमेरिका में बेचे तो लगेगा 25% टैक्स

न्यूयार्क।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि एपल यदि भारत में संयंत्र लगाना चाहती है तो ठीक है, वहां आइफोन बनाए लेकिन ऐसा करने पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र की यह कंपनी बिना टैरिफ (शुल्क) के अमेरिका में अपने उत्पाद नहीं बेच पाएगी। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उन्होंने अमेरिकी परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अपने कार्यालय ‘ओवल आफिस’ में कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए।

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, “अगर टिम (कुक) संयंत्र बनाने के लिए भारत जा रहे हैं, तो ठीक है, लेकिन आप शुल्क के बिना अमेरिका में बिक्री नहीं कर पाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि वह आइफोन के बारे में बात कर रहे हैं और चाहते हैं कि इसका निर्माण अमेरिका में ही हो। इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बेचे जाने वाले आइफोन का उत्पादन अमेरिका में ही किया जाएगा, न कि भारत या किसी अन्य स्थान पर।

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एक दिन पहले उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि एपल भारत में आइफोन बनाकर उन्हें अमेरिका में बेचेगा तो उसके उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। पिछले सप्ताह ट्रंप ने दोहा में एपल के सीईओ से कहा था कि उन्हें भारत में निर्माण करने के बजाय अमेरिका में अपनी निर्माण क्षमता विकसित करनी चाहिए। टिम कुक के नेतृत्व में एपल कंपनी आइफोन निर्माण को चीन से भारत में स्थानांतरित करने जा रही है।

टैरिफ के बाद भी अमेरिका में सस्ते बने रहेंगे मेड इन इंडिया आइफोन

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में भारत में निर्मित आइफोन के आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (जीटीआरआइ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस टैरिफ के बावजूद के बावजूद अमेरिका में मेक इन इंडिया आइफोन सस्ते बने रहेंगे। इसका कारण यह है कि मेड इन इंडिया आइफोन की उत्पादन लागत अमेरिका में उत्पादन के मुकाबले काफी कम रहेगी।

जीटीआरआइ ने अपनी रिपोर्ट में एक हजार डालर मूल्य वाले आइफोन का विश्लेषण किया है। इस आइफोन के उत्पादन में विभिन्न देशों का योगदान शामिल है। एक हजार डालर में से एपल को 450 डालर मिलते हैं। यह राशि एपल को अपने ब्रांड और डिजाइन के लिए मिलती है। भारत में आइफोन की असेंबलिंग करने वाले कामगारों की मासिक आय करीब 230 डालर है, जबकि अमेरिका में यह 2,900 डालर प्रति माह तक है।

ऐसे में भारत में एक आइफोन को असेंबल करने की लागत करीब 30 डालर है, जबकि अमेरिका में यह लागत करीब 390 डालर है।जीटीआरआइ का कहना है कि यदि एपल अपने उत्पादन को अमेरिका में स्थानांतरित करता है तो प्रति आइफोन उसका लाभ 450 डालर से घटकर केवल 60 डालर रह सकता है।

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