कोलेस्ट्रॉल घटाने की कोशिश में लोग अनजाने में अपने हार्मोनल संतुलन को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार टोटल कोलेस्ट्रॉल कम करने के चक्कर में शरीर का अच्छा कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल भी घट रहा है, जिससे हड्डियां कमजोर होना, शरीर की ताकत कम होना और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। चिकित्सक दवाओं के साथ-साथ खानपान सुधारने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गौरव देव शर्मा के मुताबिक शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं का निर्माण, विटामिन डी, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन का उत्पादन और भोजन पचाने के लिए पित्त बनने में कोलेस्ट्रॉल जरूरी भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि कई लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के जांच कराकर खुद ही दवाएं लेने लगते हैं, जिससे टोटल कोलेस्ट्रॉल के साथ एचडीएल भी कम हो जाता है और नई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
दो साल के अध्ययन में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पिछले दो वर्षों में 500 से अधिक मरीजों के रिकॉर्ड के अध्ययन में लो कोलेस्ट्रॉल की समस्या सामने आई, जिसमें 40 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोग ज्यादा प्रभावित पाए गए। ये मरीज मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, हड्डियों, जोड़ों और कमर दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जांच में इनका एचडीएल स्तर कम मिला, जबकि टोटल कोलेस्ट्रॉल 300 से नीचे था।
महिलाओं और पुरुषों पर अलग असर
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय पटेल ने बताया कि कम कोलेस्ट्रॉल के कारण महिलाओं में समय से पहले रजोनिवृत्ति की समस्या देखी जा रही है, जबकि पुरुषों में स्पर्म काउंट घटने और नपुंसकता का खतरा बढ़ सकता है।
कैसे बढ़ाएं अच्छा कोलेस्ट्रॉल
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुभव शर्मा के अनुसार जंक फूड, शराब, मिठाई और शर्करा युक्त पेय पदार्थ खराब कोलेस्ट्रॉल एलडीएल बढ़ाते हैं, जिससे कॉर्टिसोल हार्मोन बनता है और नींद प्रभावित होती है। इससे सेक्स हार्मोन सहित अन्य हार्मोन पर भी असर पड़ता है। एचडीएल बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम करना चाहिए और आहार में जैतून तेल, बादाम, अखरोट, अलसी, चिया सीड्स, फैटी मछली, ओट्स, सेब, खट्टे फल और दालें शामिल करनी चाहिए। वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी है।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की अहम भूमिका
कोलेस्ट्रॉल कोशिकाओं की झिल्ली को स्वस्थ बनाए रखने, स्टेरॉयड हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन और कॉर्टिसोल के निर्माण तथा विटामिन डी बनाने में सहायक होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लो कोलेस्ट्रॉल के मामलों में महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी भी देखी जा रही है।
लो कोलेस्ट्रॉल से होने वाली समस्याएं
कम कोलेस्ट्रॉल की वजह कुपोषण, खराब आहार, आनुवंशिक रोग, लिवर की बीमारी, थायराइड समस्या या गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके कारण चिड़चिड़ापन, ध्यान की कमी, अवसाद, घबराहट, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, समय से पहले प्रसव, कम वजन का बच्चा, थकान और हार्ट फेल जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
