नई दिल्ली। आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में दुबई एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। यहां दुनिया का पहला लग्जरी विला तैयार किया जा रहा है, जिसका निर्माण पूरी तरह रोबोटिक 3D प्रिंटिंग तकनीक से किया जाएगा। इस अत्याधुनिक परियोजना की जिम्मेदारी ‘मिडिल ईस्ट कंपोजिट्स’ कंपनी संभाल रही है, जो निर्माण क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग के लिए जानी जाती है।
पारंपरिक निर्माण से बिल्कुल अलग होगा विला
यह लग्जरी विला पारंपरिक निर्माण पद्धतियों से अलग होगा, क्योंकि इसमें ईंट, सीमेंट और भारी मानव श्रम की जगह डिजिटल मशीनों और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट दुबई सरकार की महत्वाकांक्षी ‘3D प्रिंटिंग स्ट्रैटजी 2030’ के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य निर्माण कार्य में लगने वाले समय को 80 प्रतिशत तक कम करना है।
रोबोटिक आर्म से तैयार होंगी दीवारें
इस परियोजना में ‘काउच’ नाम की 3-एक्सिस रोबोटिक आर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह मशीन कंप्यूटर से मिले सटीक डिजिटल डिजाइन के आधार पर कॉन्क्रीट की परतें बिछाकर सीधे दीवारों का निर्माण करती है। यह रोबोट 360 डिग्री घूमकर काम करने में सक्षम है, जिससे जटिल डिजाइन और संरचनाएं भी आसानी से तैयार की जा सकती हैं।
खास कंक्रीट से बनेगी जटिल संरचना
निर्माण के लिए विशेष प्रकार के ‘प्रिंटिंग मोर्टार’ का उपयोग किया जा रहा है, जो तेजी से सूखने वाला कंक्रीट है। इसकी मदद से बिना किसी अतिरिक्त सहारे के घुमावदार और जटिल दीवारें तैयार की जा सकती हैं। यही तकनीक इस विला को पारंपरिक इमारतों से अलग और अधिक उन्नत बनाती है।
24 घंटे बिना रुके काम करेगा रोबोट
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रोबोटिक सिस्टम 24 घंटे लगातार काम कर सकता है। इससे निर्माण प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट नहीं आती और समय की बड़ी बचत होती है। मानव श्रम पर निर्भरता कम होने से काम की गति और सटीकता दोनों में इजाफा हो रहा है।
6 महीने का निर्माण अब सिर्फ 2 हफ्तों में
जहां पारंपरिक निर्माण तकनीक से किसी बड़े ढांचे को तैयार करने में करीब 6 महीने का समय लग जाता था, वहीं 3D प्रिंटिंग तकनीक के जरिए वही काम महज 2 हफ्तों में पूरा किया जा रहा है। डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग के इस्तेमाल से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि निर्माण प्रक्रिया भी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा व्यवस्थित और कुशल बन गई है।
