ढाका। बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 के सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले साल के छात्र विद्रोह पर घातक कार्रवाई करते हुए मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देश में अशांति फैल गई। ढाका में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है। हालात को नियंत्रित करने के लिए कई जगह सेना को तैनात करना पड़ा है। ढाका ट्रिब्यून अखबार की देररात की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी ढाका के धानमंडी 32 में शेख हसीना के दिवंगत पिता शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक घर पर…
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